बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद कोविड काल में जिस तरह जरूरतमंद लोगों की मदद करके उनके चेहरों पर मुस्कान लाने में लगे हुए हैं। उनसे प्रेरित होकर उन्हीं की तरह मोहाली में तैनात रेवेन्यू तहसीलदार सुखपिंदर कौर भी एक कोरोना वॉरियर की तरह काम कर रही हैं। जी हां, सुखपिंदर कौर ने इतना ही नहीं कोविड काल के शुरूआती दौर में जब प्रवासी लोगों को घर भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई तो वह करीब 10 दिन तक अपनी इकलौती बेटी से मिल तक नहीं पाई थीं।
हालांकि इस दौरान उनकी बेटी ने इसकी कोई शिकायत नहीं की। इस पर बातचीत में सुखपिंदर कौर ने बताया कि उस दौरान मेरी बेटी ने मुझसे शिकायत नहीं कि बल्कि मेरी बेटी और मां मेरी ताकत बनी। जिससे मैं ड्यूटी के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को बढ़िया तरीके से निभा पाई। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान पब्लिक डीलिंग बंद कर दी गई थी। ऐसे में उन्हें लोगों की समस्याओं को सुलझाने का जिम्मा भी दिया गया।
इस दौरान जब कामधंधे और बाजार बंद हो गए तो जरूरतमंद लोगों को खाने-पीने की चीजें नहीं मिल पा रहीं थीं। इस पर किसी भी तरह की मदद मांगने के लिए अफसरों के फोन नंबर आम जनता तक पहुचाएं गए। जिन पर जरूरतमंद लोगों ने भोजन, राशन और सेहत सेवा पहुंचाने के लिए फोन करके मदद मांगी तो यह जिम्मेदारी भी मुझे सौंपी गई।
2018 से डीसी ऑफिस में कार्यरत
बता दें कि आतंकवाद के दौरान आतंकवादियों से पीड़ित परिवार से संबंध रखने वाली सुखपिंदर कौर ने 1996 में नायब तहसीलदार के तौर पर काम सभाला था। एक साधारण जीवन जीने वाली सुखपिंदर कौर 2018 से मोहाली के डीसी ऑफिस में रेवेन्यू तहसीलदार के तौर पर तैनात हैं।