कोरोना योद्धा डॉ. श्वेता
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मुश्किल हालात का सामना करना डॉक्टर श्वेता तलाती से सीखना चाहिए। खुद अस्थमा से जूझ रहीं श्वेता सात महीने से लगातार कोरोना से संक्रमित मरीजों की सेवा में जुटी हैं। रोजाना 900 मरीजों के खाने की व्यवस्था कराती हैं। पीजीआई के मेन ऑपरेशन थियेटर कांप्लेक्स की जिम्मेदारी भी इन्हीं के कंधों पर है। श्वेता का कहना है कि इस महामारी के दौर में अगर हम अपने बारे में सोचने लगे तो देशहित और मरीजों के हित से जुड़े संकल्प झूठे साबित हो जाएंगे।
डॉ श्वेता पीजीआई में ज्वाइंट मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एंड एसोसिएट प्रोफेसर इन डिपार्टमेंट ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के पद पर तैनात हैं। इनके जिम्मे मरीजों की डाइट के साथ ही हॉस्पिटल के मेन ऑपरेशन थियेटर कांप्लेक्स से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां हैं। इसके अलावा पॉजिटिव स्टाफ और डॉक्टरों के क्वारंटीन से संबंधी काम भी डॉक्टर श्वेता देख रही हैं। श्वेता का कहना है कि नारी को शक्ति स्वरूपा कहा जाता है, ऐसे में अगर हम थक गए तो फिर यह मिसाल गलत साबित हो जाएगी।
लॉकडाउन में की राशन की व्यवस्था
श्वेता ने बताया कि शुरुआती दौर में लॉकडाउन के दौरान डिस्पोजल, राशन, फल, सब्जी और दूध की व्यवस्था करना मुश्किल काम था। लेकिन उस स्थिति को भी सूझबूझ और सहयोग के बल पर सामान्य किया गया। डाइट डिपार्टमेंट में सुबह 6 बजे से रात के 10 बजे तक लगातार काम चलता है। इस दौरान मरीजों के सुबह के नाश्ते के साथ रात के भोजन तक की व्यवस्था करनी होती है। इस बीच अगर अतिरिक्त मरीजों के भोजन की व्यवस्था का निर्देश मिलता है तो उसे भी पूरा किया जाता जाता है।