चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट बैठक में गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को इसी माह से नए वेतनमान के तहत तनख्वाह बढ़ाने की हरी झंडी मिल गई है। बैठक के दौरान गैर-शैक्षणिक कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष हनी ठाकुर ने शिक्षकों को नया वेतनमान मिलने और शिक्षकों के मुकाबले तीन-चार गुना संख्या में काम कर रहे गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को नकारने का मुद्दा उठाया। इस पर वीसी प्रो. रेणु ने आश्वस्त किया है कि इसी माह से गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए नए वेतनमान को लागू कर दिया जाएगा और उनकी तनख्वाहों को बढ़ाकर जारी किया जाएगा।
हनी ठाकुर ने कहा कि पीयू के लगभग ढाई हजार गैर शैक्षणिक कर्मचारी लंबे समय से नए वेतनमान का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन पीयू की ओर से गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया था। वहीं शिक्षकों के लिए पीयू ने इसे लागू कर दिया है।
गैर-शैक्षणिक कर्मचारी वर्ग से रजिस्ट्रार बनाने की उठी मांग
सीनेट बैठक के दौरान रविवार को सत्यपाल जैन ने सीनेट एजेंडा में एक लाइन में खामी निकालते हुए कहा था कि अगर रजिस्ट्रार गैर-शैक्षणिक कर्मचारी वर्ग में वरिष्ठता के आधार पर लगाया जाए तो एजेंडा बेहतर तरीके से बनवाकर बैठक में पेश किया जा सकता है। वहीं पिछली सिंडिकेट बैठक में प्रो. जतिंदर ग्रोवर को डीएसडब्ल्यू लगाने को लेकर भी बहसबाजी हुई। इसमें सिंडिकेट सदस्यों ने बात रखी कि उन्होंने सर्वसम्मति और वीसी की अनुमति के बाद ही प्रो. जतिंदर ग्रोवर के नाम को अप्रूव किया था।