चंडीगढ़ में हर सातवें दिन बड़ी वारदात हो रही है। ऐसा हम नहीं, ब्लकि पुलिस रिकार्ड में दर्ज आंकड़े बोल रहे हैं। ऐसे में कैसे हम खुद को सेफ मान सकते हैं। लगातार हो रही वारदातों ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा दिया है।
अभी 27 जून को खुड्डा अलीशेर में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की कैश वैन से पांच लाख रुपये लूटने का मामला सुलझा भी नहीं था कि सोमवार सुबह हरियाणा विधि विभाग के अवर सचिव का सेक्टर-43 से चार बदमाशों ने अपहरण कर लिया।
उनको न सिर्फ बुरी तरह पीटा बल्कि उनका पर्स और गाड़ी छीनने के बाद उन्हें कुराली में फेंक दिया। चंडीगढ़ में सात हजार पुलिसकर्मी और 62 जिप्सियां तैनात हैं। इसके बावजूद शहर की सुरक्षा रामभरोसे है।
डेढ़ महीने में हुईं वारदातें
7 जुलाई : हरियाणा विधि विभाग के अवर सचिव का सेक्टर-43 से अपहरण। उनका पर्स और छीनने के बाद उन्हें कुराली में फेंक दिया।
5 जुलाई : सेक्टर-27 में राजकुमार और भिवानी के घर में घुसकर हमला और फायरिंग कर स्कॉर्पियो सवार हुए फरार।
26 जून : सेक्टर-49 निवासी रवि की हत्या कर धनास के जंगल में फेंककर हत्यारे फरार।
27 जून : खुड्डा अलीशेर में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की कैश वैन से पांच लाख रुपये लूटकर सात युवक कैंबवाला की ओर से फरार हो गए।
25 जून : मोगा में पुलिस की टीम ने दो लोगों का एनकाउंटर कर दिया लेकिन इस पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। यही नहीं पुलिस बाकी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
4 जून : धनास के जंगल के पास हाईकोर्ट के कर्मचारी को लूटा
मई : सेक्टर-17 बज डिस्कोथेक के पास दो युवकों पर गोली चलाकर टाटा सफारी सवार हुए फरार।
अप्रैल में सेक्टर-44 में इंस्पेक्टर अमनजोत को कार सवार ने टक्कर मारने की कोशिश की।
कोट
शहर की सुरक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है। हर दिन लूट और झपटमारी की वारदातें हो रही हैं। पुलिस नाके तो लगा रही है लेकिन सिर्फ चालान काटने के लिए। बदमाश वारदात करके फरार हो जाते हैं।
-एनके झिगन, संरक्षक, केंद्रीय सार्थक कर्मचारी आवासीय सुधार कल्याण सभा, सेक्टर-7
एक सप्ताह से शहर में आपराधिक वारदातें बढ़ गई है, जिससे लोग असुरक्षित महसूस करने लग गए हैं।
- नरेश महाजन, व्यापार मंडल के महासचिव