साढ़े 17 साल की लड़की ने आश्रम की साध्वी पर समलैंगिक विवाह कराने और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। मामला, जुड़ा है श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर की साध्वियों से। विवाह रचाने वाली साध्वी के अलावा आश्रम की मुख्य साध्वी पर भी यौन शोषण का आरोप है।
यौन उत्पीड़न और समलैंगिक विवाह के आरोपों के मामले में स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) सोमवार को अगली कार्रवाई कर सकती है। अगर पीड़ित के बयान के आधार पर कार्रवाई हुई तो साध्वियों पर नई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हो सकता है।
इस चर्चित मामले को लेकर सोमवार को एसआईटी की अहम मीटिंग होनी है। दोनों पक्षों के ब्यान, सुबूत और मौका मुआयना आदि कार्रवाई मुकम्मल हो चुकी है इसलिए एसआईटी सोमवार को अपना फैसला दे सकती है।
श्रीकृष्ण प्रणामी आश्रम पर बरसाए पत्थर
समलैंगिक विवाह और यौन शोषण के आरोपों के बाद चर्चा में आए चरखी दादरी स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी आश्रम पर शनिवार रात अज्ञात लोगों ने पत्थर बरसाए। मुख्य गेट पर पत्थर बरसाने के बाद अज्ञात लोग हो-हल्ला कर खिसक गए। आश्रम पर पथराव की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आश्रम की ओर से फिलहाल कोई शिकायत न मिलने के कारण पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।
शनिवार देररात दो बजे अज्ञात लोगों ने चरखी दादरी स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी आश्रम पर पत्थर फेंके। लोहे के मुख्य गेट की ऊंचाई अधिक होने से पत्थर आश्रम परिसर तक नहीं पहुंच पाए। पथराव हुआ, उस समय मुख्य साध्वी और समलैंगिक विवाह रचाने की आरोपी साध्वी भीतर सो रही थीं। घटना के बाद पुलिस को सूचित किया। पुलिस के पहुंचने से पहले पत्थर फेंकने वाले भाग गए। शोरगुल सुनकर आसपास से लोग भी एकत्र हो गए।
आश्रम के भीतर सो रही थीं आरोपी साध्वी
साध्वी ने पुलिस थाना प्रभारी के समक्ष बताया कि रात के समय मंदिर के मेन गेट के बाहर से जोर से कई लोगों की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर साध्वी ने वहां मौजूद सहायक साध्वियों को जगाया। रात का समय होने से वे बाहर नहीं निकलीं। बाद में पत्थर बरसने की आवाज भी सुनी। मुख्य द्वार को भी लगातार खटखटाया गया।
सुबह शहर पुलिस थाना प्रभारी सुखबीर सिंह, एएसआई लोकूराम पुलिस बल के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे और साध्वी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। शहर पुलिस थाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने बताया कि साध्वी की ओर से कोई शिकायत नहीं आने के कारण पुलिस ने इस संबंध में किसी प्रकार का कोई मामला दर्ज नहीं किया है।
‘‘प्रणामी मंदिर धार्मिक स्थल है। उनका उददेश्य समाज की भलाई के लिए कार्य करना है। उनकी सोच है कि लोग आपस में प्रेमपूर्वक व शांति से रहे।’’ - साध्वी कौशल महाराज