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कर्ज लेकर बेटे को भेजा इटली, हो गई दर्दनाक मौत, मां ने सरकार से लगाई मदद की गुहार

Sun, 15 Sep 2019 07:03 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांव नत्थूचाहल (कपूरथला)
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मनजिंदर का परिवार और काले कपड़े में मनजिंदर की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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बेबे...की हाल ने, परिवार च सब कुछ ठीक आ..वड्डे भाजी ते भरजाई किवें ने...वैसे हुन मैं कम्म ते जान तो लेट हो रेहा आं...शाम नूं फोन करांगा। ये बोल मनजिंदर ने 12 सितंबर को सुबह आठ बजे फोन पर अपनी मां बलबीर कौर से कहे थे। मां शाम को बेटे के फोन का इंतजार कर रही थी, लेकिन फोन आया उसकी मौत की खबर का। 

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ये कहर टूटा है कपूरथला के गांव नत्थूचाहल में मनजिंदर सिंह उर्फ मनी के परिवार पर। मनजिंदर करीब डेढ़ माह पहले इटली के मिलान में अपने चचेरे मामा प्रेम सिंह और तरसेम सिंह की डेयरी पर काम करने के लिए गया था। उसने 600 यूरो की अपनी पहली तनख्वाह में से 500 यूरो परिवार को भेजे थे। 12 सितंबर को इटली के मिलान में मनजिंदर सिंह अपने मामा प्रेम सिंह और तरसेम सिंह के साथ गोबर के टैंक को चेक करने के लिए गया था, जहां गैस चढ़ने से उसकी मौत हो गई। 

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इसके बाद गांव नत्थूचाहल में मनजिंदर के घर मातम पसर गया। गांव नत्थूचाहल के बस अड्डे पर ट्रैक्टर का बेहतरीन मैकेनिक माना जाने वाला मनजिंदर सिंह 26 जुलाई को इटली गया था। परिवार ने 9 लाख रुपये ब्याज पर लेकर उसे भेजा। मृतक के भाई बलजिंदर सिंह ने बताया कि उसका भाई नत्थू चाहल में ट्रैक्टरों की वर्कशाप बढ़िया तरीके से चला रहा था। घर के आर्थिक हालात सुधारने के लिए वह विदेश जाने की जिद करने लगा। 9 लाख रुपये ब्याज पर लेकर उसे इटली भेजा जहां वह चचेरे मामा के डेयरी फार्म पर काम करने लगा। 

मृतक की मां बलबीर कौर ने बताया कि सुबह मनजिंदर का फोन आया था, पूरे परिवार का हाल-चाल पूछा और पहली तनख्वाह भेजने के बारे में बताया। फिर काम पर जाने में देरी होने की बात कहकर शाम को फोन करने के लिए कहा था, लेकिन शाम को तो बेटा दुनिया से ही चला गया। बलबीर कौर ने बताया कि उसके चाचा के बेटे प्रेम सिंह व तरसेम सिंह निवासी गांव चीमा थाना करतारपुर जिला जालंधर इटली के शहर मिलान में लंबे अर्से से रह रहे थे। 

उनके डेयरी फार्म में ही मनजिंदर काम करने के लिए गया था। हर चौथे दिन बाद उसके बेटे का फोन आता था। रोते हुए मां ने कहा कि पहले ही उसे लाखों रुपये कर्ज लेकर विदेश भेजा। अब उसका शव भारत लाने के लिए चार लाख रुपये का खर्च वह कहां से उठाएगी। उसने पंजाब सरकार से गुहार लगाई है कि उसके बेटे का शव भारत लाने के लिए मदद की जाए।
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