इसके बाद गांव नत्थूचाहल में मनजिंदर के घर मातम पसर गया। गांव नत्थूचाहल के बस अड्डे पर ट्रैक्टर का बेहतरीन मैकेनिक माना जाने वाला मनजिंदर सिंह 26 जुलाई को इटली गया था। परिवार ने 9 लाख रुपये ब्याज पर लेकर उसे भेजा। मृतक के भाई बलजिंदर सिंह ने बताया कि उसका भाई नत्थू चाहल में ट्रैक्टरों की वर्कशाप बढ़िया तरीके से चला रहा था। घर के आर्थिक हालात सुधारने के लिए वह विदेश जाने की जिद करने लगा। 9 लाख रुपये ब्याज पर लेकर उसे इटली भेजा जहां वह चचेरे मामा के डेयरी फार्म पर काम करने लगा।
मृतक की मां बलबीर कौर ने बताया कि सुबह मनजिंदर का फोन आया था, पूरे परिवार का हाल-चाल पूछा और पहली तनख्वाह भेजने के बारे में बताया। फिर काम पर जाने में देरी होने की बात कहकर शाम को फोन करने के लिए कहा था, लेकिन शाम को तो बेटा दुनिया से ही चला गया। बलबीर कौर ने बताया कि उसके चाचा के बेटे प्रेम सिंह व तरसेम सिंह निवासी गांव चीमा थाना करतारपुर जिला जालंधर इटली के शहर मिलान में लंबे अर्से से रह रहे थे।
उनके डेयरी फार्म में ही मनजिंदर काम करने के लिए गया था। हर चौथे दिन बाद उसके बेटे का फोन आता था। रोते हुए मां ने कहा कि पहले ही उसे लाखों रुपये कर्ज लेकर विदेश भेजा। अब उसका शव भारत लाने के लिए चार लाख रुपये का खर्च वह कहां से उठाएगी। उसने पंजाब सरकार से गुहार लगाई है कि उसके बेटे का शव भारत लाने के लिए मदद की जाए।