कहा-केंद्रीय मंत्रालय से फैसले की समीक्षा करे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिरोमणी अकाली दल (शिअद) ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मांग की है कि वह दिल्ली और चंडीगढ़ के आकाशवाणी केंद्रों से पंजाबी समाचार बुलेटिनों का प्रसारण बंद करने के अपने फैसले की समीक्षा करे। पार्टी की ओर से कहा गया है कि ये बुलेटिन एक बड़ी पंजाबी आबादी को ध्यान में रखते हुए प्रसारित हो रहे थे, इसलिए इन्हें जनहित में जारी रखा जाना चाहिए।
शनिवार को प्रेस बयान में पार्टी के वरिष्ठ नेता डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि प्रसार भारती द्वारा दिल्ली और चंडीगढ़ से प्रसारित होने वाले पंजाबी बुलेटिन को अचानक बंद करने के फैसले से दोनों शहरों में रहने वाले पंजाबियों को बहुत बड़ा झटका लगा है, जो बुलेटिन जारी रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि इन बुलेटिन को बंद करने से पंजाबियों को राष्ट्रीय राजधानी के साथ-साथ राज्य की राजधानी दोनों में समाचार घटनाओं से अवगत होने का मौका नही मिलेगा। डा. चीमा ने कहा कि चंडीगढ़ से पंजाबी न्यूज बुलेटिन को बंद करने का फैसला भी पंजाब के खिलाफ भेदभावपूर्ण है, क्योंकि इससे चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह राज्य की राजधानी पर पंजाब के दावे को कमजोर करने के मकसद से हालिया कार्रवाई की लंबी सूची में एक और निर्णय है।
पंजाबी बुलेटिन तैयार करने वाले जालंधर शिफ्ट होंगे
डा. चीमा ने बताया कि चंडीगढ़ में दो समाचार बुलेटिन और साप्ताहिक राउंडअप प्रसारित होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रसार भारती ने निर्देश दिया है कि दिल्ली में पंजाबी बुलेटिन बनाने वाले कर्मचारियों को जालंधर दूरदर्शन केंद्र में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पंजाबी बुलेटिनों की गुणवत्ता में कमी आनी तय है, क्योंकि वर्तमान में दिल्ली और चंडीगढ़ दोनों के पंजाबी समाचार रिपोर्टर राष्ट्रीय राजधानी के साथ-साथ चंडीगढ़ से भी महत्वपूर्ण घटनाओं का प्रत्यक्ष विवरण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद, सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली में मंत्रालयों के साथ-साथ विधानसभा और उच्च न्यायालय जैसे संस्थागत कवरेज को इस कदम के कारण नुकसान उठाना पड़ेगा।