शहर में उस समय सनसनी फैल गई जब सिद्ध शक्ति पीठ काली माता मंदिर में शेर के आने की बात सुनी।
माता के दर्शन करने आए श्रद्धालु मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मियों और पुजारियों से यही पूछते नजर आए कि क्या मंदिर में शेर आया था, यदि आया था तो अब कहां है। वहीं स्थानीय लोग भी मंदिर के आस-पास के दुकानदारों से शेर के आने की बात पर तर्क-वितर्क करते नजर आए।
लोगों का तो यह तक कहना था कि शेर माता के मंदिर के मुख्यद्वार से मंदिर में घुसा और पुजारी की गद्दी पर भी जा बैठा। इस बात से लोगों में भय तो बना ही हुआ है साथ ही कुछ लोग इसे आस्था के साथ जोड़ माता का चमत्कार बता रहे हैं।
वहीं जब इस बारे में श्री माता मनसा देवी श्राईन बोर्ड पंचकूला लिपिक विरेंद्र ठाकुर, मंदिर के मुख्य पुजारी शिवकुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस प्रकार का कोई वाकया मंदिर में नहीं हुआ यह सभी बातें मनगढंत और काल्पनिक है यह कुछ शरारती तत्वों द्वारा फैलाई गई अफवाह मात्र है।
उन्होंने बताया कि मंदिर में बिल्ली जरूर एक- दो बार आई है परंतु शेर आने की बात पूर्णत: झुठी है।
वहीं बावजूद इसके वीरवार को भी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की कतारें नजर आई। नरवरात्रे के चौथे दिन श्रद्धालुओं ने मंदिर में कूष्मांडा माता की अराधना कर सुख-समृद्धि की कामना करी।