चंडीगढ़। शहर के स्मॉल फ्लैट में रहने वाले वह लोग जो किराया जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड और प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले कुछ दिनों में 16 स्मॉल फ्लैट्स का आवंटन रद्द किया गया है, जिसके बाद हाउसिंग बोर्ड की टीम मंगलवार को सेक्टर-56 में कुछ मकानों को सील करने के लिए पहुंची। सामान बाहर निकाल कर कुछ फ्लैट सील कर दिए गए। लोगों ने काफी विरोध किया। मामला स्थानीय पार्षद, मेयर कुलदीप कुमार से सलाहकार राजीव वर्मा तक पहुंचा, जिसके बाद मकानों को दोबारा खोल दिया गया।
लोगों ने आरोप लगाया कि उनके पास अगस्त तक का समय है। इसके बावजूद मकान को सील करने में जल्दबाजी दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके पास चंडीगढ़ में और कोई भी छत नहीं है। ऐसे में वह कहां जाएंगे। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का भी विरोध किया और सीढ़ी पर ही खड़े हो गए। इस दौरान पुलिस के साथ काफी बहसबाजी हुई। लोगों ने पुलिस पर कई महिलाओं पर लाठी चलाने का भी आरोप लगाया। इस दौरान सील करने पहुंचे कर्मचारियों के साथ भी धक्कामुक्की हुई। सीएचबी के कर्मियों ने सामान बाहर कर पहले मकान को सील कर दिया लेकिन जानकारी मिलने पर आम आदमी पार्टी के एरिया पार्षद मुनव्वर समेत अन्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जानकारी दी। मामला मेयर कुलदीप कुमार तक पहुंचा। वह कई अन्य पार्षदों को लेकर प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा के पास पहुंचे। जिन लोगों के घर सील हुए थे, उन्होंने लिखित में दिया कि वह जल्द ही किराया जमा कर देंगे। इसके बाद मकानों को डी-सील भी कर दिया गया।