चंडीगढ़। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वर्ष 2024-25 के लिए मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश किया। चंडीगढ़ का बजट 6513.62 करोड़ रुपये ही रखा गया है। यही राशि चुनाव से पहले एक फरवरी को पेश अंतरिम बजट में भी प्रस्तावित थी। हालांकि बजट के अंदर कुछ मदों में मामूली बदलाव किया गया है लेकिन उससे पूरे साल के कुल बजट पर कोई असर नहीं पड़ा है। खास बात यह है कि आम बजट के बाद अब खर्चों पर लगाई गई कैपिंग हट गई है, जिससे विकासकार्यों को रफ्तार मिलेगी।
वित्त मंत्री ने चुनाव से पहले एक फरवरी को पेश अंतरिम बजट में चंडीगढ़ को पूरे साल के लिए 6513.62 करोड़ रुपये दिए थे। मंगलवार को जारी आम बजट के अनुसार उस बजट में न तो कटौती की गई है और न ही बढ़ोतरी। हालांकि एक फरवरी को जारी बजट के बाद खर्चों पर कैपिंग लगा दी गई थी, जो मंगलवार से हट गई। नगर निगम के खर्चों पर भी प्रशासन की तरफ से कैपिंग लगाई गई थी। इस वजह से ही नगर निगम को 3 महीने का इकट्ठा फंड न देकर हर महीने के हिसाब से एक तय राशि दी गई, ताकि निगम की जरूरत के खर्चे पूरे होते रहें। केंद्र ने आम बजट पास होने तक के खर्चों के लिए 2700 करोड़ रुपये दिए थे, जिसमें से प्रशासन ने करीब 2000 करोड़ रुपये खर्चे। वर्तमान वित्त वर्ष के लिए केंद्र से जो 6513.62 करोड़ का कुल बजट मिला है, वो 2023 के मुकाबले 426.25 करोड रुपये अधिक है। इससे शहर की विभिन्न परियोजनाओं और विकास कार्यों को पंख लगेंगे। बजट में शिक्षा और उर्जा क्षेत्र को सर्वाधिक बजट मिला है जबकि पुलिस कल्याण पर 823.21 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अब दिसंबर में आएगा रिवाइज्ड एस्टीमेट, उसमें बढ़ोतरी की उम्मीद : यूटी प्रशासन की ओर से इस बार सात हजार करोड़ रुपये की मांग रखी गई थी। मांग के अनुसार फंड तो नहीं मिला लेकिन पिछले वर्ष के मुकाबले बजट में बढ़ोतरी हुई है। प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार एक फरवरी को जो अंतरिम बजट चंडीगढ़ के लिए जारी हुआ था, मंगलवार को जारी हुए बजट में कोई बदलाव नहीं है। कुछ मद में बहुत मामूली बदलाव हुए हैं। बाकी सबकुछ वही है। हालांकि अब सितंबर माह में केंद्र की तरफ से रिवाइज्ड एस्टीमेट की मांग की जाती है और प्रशासन की तरफ से भेजने के बाद दिसंबर में रिवाइज्ड एस्टीमेट जारी होगा। उम्मीद है कि चंडीगढ़ को उसमें ज्यादा बजट मिलेगा।