मेयर ने सभी से कहा कि 10 मिनट में बैंक स्टेटमेंट मंगा लेते हैं, तब तक विकास के एजेंडों पर चर्चा कर लें लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर कंवरजीत सिंह राणा और अन्य पार्षद अड़ गए। पार्षदों ने कहा कि ठेका कंपनी ने कब-कब पैसे जमा कराए और उस पर कितना राशि कब से बकाया है, इसकी पूरी जानकारी सदन में रखी जाए। इसके बाद ही सदन में विकास के एजेंडों पर चर्चा की जाएगी।
सीनियर डिप्टी मेयर कंवरजीत सिंह राणा, भाजपा के सौरभ जोशी, आप के दमनप्रीत सिंह, कांग्रेस की गुरबक्श रावत और गुरप्रीत सिंह गाबी ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। मेयर अनूप गुप्ता ने कहा कि मामले की विजिलेंस जांच चल रही है लेकिन पार्षदों ने उनकी बात नहीं मानी। विरोध को देखते हुए मेयर अनुप गुप्ता ने पार्किंग घोटाले में विजिलेंस जांच के समानांतर पांच सदस्यीय एक जांच कमेटी बनाने की फैसला लिया।
मेयर ने कहा कि कमेटी में कांग्रेस और आप के भी पार्षद होंगे। कमेटी में पार्षद महेश इंद्र सिद्धू, गुरबक्श रावत, जसबीर सिंह लाडी, हरदीप सिंह, उमेश घई को रखा गया है। वहीं, बैठक में सीवरेज सेस को 30 प्रतिशत से घटा कर 10 प्रतिशत कर दिया गया। इससे शहर के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
बता दें कि कुछ समय पहले तक जोन एक में पार्किंग का ठेका चलाने वाली पाश्चात्य एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने 1.65 करोड़ रुपये की जो बैंक गारंटी दी थी, वह फर्जी निकली। कंपनी पर निगम के 7 करोड़ रुपये और बकाया हैं। फर्जीवाड़े का पता लगते ही निगम के पार्किंग विभाग के सुपरिंटेंडेंट सुनील दत्त ने सेक्टर-17 थाना पुलिस को ठेका कंपनी पाश्चात्य एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक संजय शर्मा सहित अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।
बैठक में ये एजेंडे थे शामिल
निगम की बैठक में मुख्य एजेंडों में शहर की सड़कों की रिकार्पेटिंग करना, सेक्टर-28 की मार्केट में सीवरेज सिस्टम को मजबूत करना, बस्सी पठाना सब स्टेशन से वाटर वर्क्स, कजौली तक 66 केवी की नई लाइन स्थापित करना, सेक्टर-24 और सेक्टर-51 में कम्यूनिटी सेंटर का निर्माण करना, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेल में अस्थायी पदों पर नियुक्तियां करना, मनीमाजरा में नए सरकारी स्कूल का निर्माण करना आदि शामिल थे जो कि हंगामे की भेंट चढ़ गए।
किस पार्षद ने क्या कहा
पार्षद गुरप्रीत सिंह के अलावा अन्य पार्षदों ने पांच रुपये के स्टांप पेपर पर सात रुपये की डयूटी लगाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह ठीक नहीं। आम लोग परेशान हो रहे हैं। एक अप्रैल से पानी के दाम बढ़ाने का भी कांग्रेस और आप पार्षदों ने विरोध किया और दाम कम करने की मांग की। पार्षद गुरबक्श रावत पूछा कि अकाउंट स्टेटमेंट देने में देरी नहीं होनी चाहिए। सब कुछ कंप्यूटर में सुरक्षित होता है। अकाउंट अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशानी है तो मैं मदद के लिए तैयार हूं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या अब हाथ से खाता बही तैयार करते हैं, जो इसे तैयार करने में कई दिन लग जाएंगे।
पार्षद तरुणा मेहता ने कहा कि पार्किंग ठेकेदार लोगों से पैसा लेता गया और नगर निगम को पैसा देना बंद कर दिया। बैंक गारंटी की भी वसूली नहीं हुई। सौरभ जोशी ने कहा कि हम सभी 14 लाख जनता के लिए जिम्मेदार हैं। हम ठेकेदार के प्रति उत्तरदायी नहीं हैं। एक ठेकेदार फर्जी बैंक गारंटी देता है। उन्होंने कहा कि सभी बैंक गारंटी की जांच हो। पूछा कि ठेकेदार पर कितनी बार पेनाल्टी लगाई गई। ठेकेदार के खिलाफ कितनी शिकायतें आईं। यह भी एजेंडा में आना चाहिए था। पार्षद रामचंद्र ने इन्फोर्समेंट विंग पर कहा कि रेहडी फड़ी और चाय वालों का सामन जब्त कर लेते हैं लेकिन उनके एरिया में एक बड़ा जगह कब्जा कर बैठा है उसे नहीं हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि काम में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। सौरभ जोशी ने नगर निगम में चंडीगढ़ में जन्मे बच्चों को ही नौकरी देने की मांग की। इसका सभी पार्षदों ने समर्थन किया।
पेड पार्किंग में घपले की सीबीआई जांच हो : छाबड़ा
पूर्व मेयर प्रदीप छाबड़ा ने भी पार्किंग घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह जांच भी होनी चाहिए कि पूर्व ठेका कंपनी का किसी राजनीतिक दल या राजनेता से तो संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि विजिलेंस जांच मात्र औपचारिकता भर है। छाबड़ा ने कहा कि पहले से भी कई अफसरों के खिलाफ जांच बाकी है इसलिए सीबीआई जांच जरूरी है।