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अंबाला में कोरोना संदिग्ध महिला के अंतिम संस्कार पर बवाल, फायरिंग और लाठीचार्ज

Tue, 28 Apr 2020 10:30 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)

सार

  • पुलिस ने की हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज, 60 नामजद सहित 200 पर केस दर्ज
  • तोपखाना की रहने वाली थी 70 वर्षीय बुजुर्ग, गांव चंदपुरा किया जा रहा था संस्कार 
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एंबुलेंस पर की गई तोड़फोड़।
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विस्तार
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तोपखाना की 72 वर्षीय कोरोना संदिग्ध के अंतिम संस्कार को लेकर सोमवार को जमकर बवाल हुआ। महिला को रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे छावनी नागरिक अस्पताल लाया गया था, जहां उसकी सांसें उखड़ती देख डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर करना चाहा लेकिन परिजनों ने गुहार लगाई कि वह पीजीआई नहीं जाना चाहते। यहीं पर बुजुर्ग को आइसोलेट कर इलाज किया जाए। 

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परिजनों की गुहार पर महिला को छावनी नागरिक अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। सोमवार सुबह महिला का कोरोना का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया लेकिन उपचाराधीन बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। कोरोना संदिग्ध होने के कारण प्रशासन ने चंदपुरा गांव के श्मशान घाट में महिला को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया। 

इससे नाराज ग्रामीणों ने उस एंबुलेंस में तोड़फोड़ कर दी, जिसमें महिला का शव था। साथ ही पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों पर भी पत्थर और लाठियों से हमला कर दिया। इसमें एंबुलेंस कर्मी और पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पहले हवाई फायरिंग की। इसके बाद भी जब भीड़ नहीं मानी तो पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा।
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60 के नाम आए सामने, कुल 200 पर हुई एफआईआर दर्ज

पुलिस व स्वास्थ्य कर्मचारियों पर पत्थर व लाठियों से हमला और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालना तथा लॉकडाउन होने के बावजूद भीड़ जुटाने पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत गांव के 200 लोगों पर केस दर्ज किया। इनमें से 60 के नाम भी पुलिस के सामने आ गए हैं। साथ ही पुलिस ने इनमें से कुछ को हिरासत में ले लिया।
 
क्यों हुआ अंतिम संस्कार पर बवाल 
दरअसल, प्रशासन ने विकट परिस्थितियों में कोरोना पॉजिटिव या संदिग्ध के अंतिम संस्कार के लिए कुछ श्मशान घाट चिह्नित किए हैं। इनमें चंदपुरा का श्मशान घाट भी शामिल हैं। इस बात की ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं थी। इतना ही नहीं महेश नगर थाने के पास भी इसकी कोई जानकारी नहीं थी, इसीलिए जब तोपखाना की रहने वाली बुजुर्ग का गांव में संस्कार किया जाने लगा तो ग्रामीणों को शक हो गया कि कुछ गलत हो रहा है।
 
श्मशान से पहले ही रोकी एंबुलेंस, कई कर्मचारी चोटिल
ग्रामीणों ने श्मशान घाट से पहले ही एंबुलेंस रोक ली। इसके बाद लाठी और पत्थरबाजी करते हुए तोड़फोड़ शुरू दिया। इस दौरान एंबुलेंस में मौजूद कर्मी और डीएसपी कैंट रामकुमार मौके पर गए। मेडिकल अधिकारी व अन्य पुलिस कर्मचारियों और सीआईए टीम को भी चोटें आई। 
पुलिस व सरकारी कर्मचारियों पर हमला व अन्य विभिन्न धाराओं के तहत करीब 200 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। कुछ को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। लॉकडाउन का भी उल्लंघन ग्रामीणों ने की और मौके पर गई एंबुलेंस को भी तोड़ दिया। -रामकुमार, डीएसपी अंबाला कैंट।
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