पुलिस व स्वास्थ्य कर्मचारियों पर पत्थर व लाठियों से हमला और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालना तथा लॉकडाउन होने के बावजूद भीड़ जुटाने पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत गांव के 200 लोगों पर केस दर्ज किया। इनमें से 60 के नाम भी पुलिस के सामने आ गए हैं। साथ ही पुलिस ने इनमें से कुछ को हिरासत में ले लिया।
क्यों हुआ अंतिम संस्कार पर बवाल
दरअसल, प्रशासन ने विकट परिस्थितियों में कोरोना पॉजिटिव या संदिग्ध के अंतिम संस्कार के लिए कुछ श्मशान घाट चिह्नित किए हैं। इनमें चंदपुरा का श्मशान घाट भी शामिल हैं। इस बात की ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं थी। इतना ही नहीं महेश नगर थाने के पास भी इसकी कोई जानकारी नहीं थी, इसीलिए जब तोपखाना की रहने वाली बुजुर्ग का गांव में संस्कार किया जाने लगा तो ग्रामीणों को शक हो गया कि कुछ गलत हो रहा है।
श्मशान से पहले ही रोकी एंबुलेंस, कई कर्मचारी चोटिल
ग्रामीणों ने श्मशान घाट से पहले ही एंबुलेंस रोक ली। इसके बाद लाठी और पत्थरबाजी करते हुए तोड़फोड़ शुरू दिया। इस दौरान एंबुलेंस में मौजूद कर्मी और डीएसपी कैंट रामकुमार मौके पर गए। मेडिकल अधिकारी व अन्य पुलिस कर्मचारियों और सीआईए टीम को भी चोटें आई।
पुलिस व सरकारी कर्मचारियों पर हमला व अन्य विभिन्न धाराओं के तहत करीब 200 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। कुछ को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। लॉकडाउन का भी उल्लंघन ग्रामीणों ने की और मौके पर गई एंबुलेंस को भी तोड़ दिया। -रामकुमार, डीएसपी अंबाला कैंट।