आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि सरकार नगर काउंसिलों में काम कर रहे सफाई सेवकों का शोषण कर उनके साथ बेइंसाफी कर रही है। पार्टी इस के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। आप के प्रवक्ता सुखपाल खैरा ने भारतीय संविधान के मुताबिक तय न्यूनतम वेतन भीसफाई सेवकों को नहीं दिया जा रहा है, जोकि गरीब और बिल्कुल दबे-कुचले वर्ग से हैं।
आप वॉलंटियर लखविंदर कौर द्वारा आरटीआई के तहत हासिल की जानकारी के मुताबिक सैकड़ों सफाई सेवक चार सालों से फिल्लौर, मोरिंडा, नाभा, मोगा, गढ़शंकर की नगर काउंसिलों में काम कर रहे हैं। कई सफाई सेवक तो दस सालों से काम कर रहे हैं। उनसे रोजाना 8-9 घंटे काम लिया जाता है। हालांकि सिर्फ 2400 रुपये प्रतिमाह अदा किए जाते हैं। जबकि, पंजाब सरकार मिनिमम वेजेज एक्ट के मुताबिक न्यूनतम वेतन 7600 रुपये प्रतिमाह है।
खैरा ने आरोप लगाया कि सरकार हर सफाई सेवक से हर माह 5200 रुपये ठग रही है। जब पार्टी वॉलंटियर लखविंदर कौर ने वेतन में कटौती के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की तो सरकार ने मशीनरी और राज्य सूचना आयोग को भी प्रभावित किया। उन्होंने मांग की कि सफाई सेवकों को कम से कम 7600 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। अगर सरकार ने ऐसा न किया तो सफाई सेवकों को इंसाफ दिलाने को आम आदमी पार्टी हाईकोर्ट जाएगी।