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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय और सहयोग चाहते हैं : इंद्रेश

Sun, 17 Aug 2014 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
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कैथल। भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबक सीखाने की नीति के बजाये परस्पर सहयोग और समन्वय चाहता है। भारत विश्व में शांति एवं तरक्की की गांरटी है। इसीलिए पड़ोसी देशों को चाहिए कि वे हमारे देश की भूमि से अवैध कब्जा छोड़कर सहयोग करें। यह उद्गार आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में कहे।
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 आरएसएस में बड़ी जिम्मेवारियां संभाल रहे इंद्रेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री भी देश के विकास के लिए सहयोग मांग रहे हैं, ताकि टकराव और नफरत की राजनीति के बजाये समन्वय की राजनीति हो। सभी दल इसके  लिए आगे आएं। नया देश बनाएं। टांग खींचने के बजाये सहयोग करें और पड़ोसी देश भी आतंकवाद और नक्सलवाद को छोड़ें। 

हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आरएसएस नेता ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सदा रवैया रहा है कि देश में स्वस्थ लोकतंत्र विकसित हो। यह तभी होगा, जब शत-प्रतिशत मतदान होगा। उन्होंने कहा कि देश की तरह हरियाणा भी परिवर्तन की ओर अग्रसर है। नए प्रकार की सरकार लाने के लिए प्रदेश की जनता आगे आए।
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लघु उद्योगों का बढ़ावा चाहता है संघ
इंद्रेश कहा कि जब इस देश का नौजवान रोजगार देने वाला बनेगा और देश के माल को दुनिया में बेचने के लिए जाएगा तो बेरोजगारी, महंगाई, मिलावट बेईमानी से देश मुक्त होगा। आज की सरकार का संकल्प भी छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर तरक्की करना है।

भ्रूण हत्या, दुष्कर्म ने भी देश की छवि को विकृत किया है। नैतिकता, विश्वगुरु की पहचान को नुकसान पहुंचाया है। यदि बेटी होगी तो बहन होगी, बहन होगी तो पत्नी भी होगी तथा पत्नी होगी तो वह किसी की मां भी होगी। मां से जन्म मिलेगा और जन्म से जन्नत यानी स्वर्ग मिल सकता है। 60 साल से जिन लोगों ने शासन किया, उन लोगों ने देश केा जातियां एवं पंथों में बांटने का काम किया। यही कारण है कि देश अनगिनत दंगे भुगत चुका है।
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