अमूमन संघ की ऐसी गतिविधियों के दौरान मीडिया से दूरी अपनाने की पुरानी परंपरा रही है। संघ और इसके प्रचार विंग के प्रतिनिधि भी बैठक के एजेंडे पर बातचीत करने से कतरा रहे हैं। बहरहाल पहले दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत के बाद एक अन्य बड़े चेहरे के रुप में मनमोहन वैद्य की भी बैठक में मौजूदगी रहेगी।
गीता निकेतन आवासीय विद्यालय परिसर में स्थापित विद्या भारती के संस्कृति भवन परिसर में क्षेत्रीय बैठक रखी गई है। संस्कृति भवन परिसर के नैमिषारण्य सभागार में आयोजित इस बैठक में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और दिल्ली प्रांत के प्रचारक, प्रांत बौद्धिक प्रमुख, प्रांत शारीरिक प्रमुख, जिला कार्यवाह, विभाग कार्यवाह, प्रांत प्रचारक, उत्तर क्षेत्र सभी पदाधिकारी, प्रमुख,सेवा प्रमुख इत्यादि शामिल होंगे।
ये है शेड्यूल
- पांच साल में सर संघचालक का एक बार क्षेत्र प्रवास होता है।
- पहले दिन करीब तीन सौ प्रतिनिधियों ने शिरकत की।
- पहले दिन की बैठक में हरियाणा और दिल्ली के प्रतिनिधि पहुंचे।
- दूसरे दिन की बैठक में पंजाब हिमाचल जम्मू कश्मीर।
- तीसरे दिन की बैठक में नगर कार्यवाह नगर के तरुण प्रमुख, जिला दायित्व प्रमुख शामिल होंगे अंतिम दो दिनों तक छह राज्यों के प्रचारकों के साथ बैठकें होंगी।
- 2010 की प्रतिनिधि सभा के बाद संघ की यह दूसरी बड़ी गतिविधि बताई जा रही है।
खटमल थे, नहीं दी जाट धर्मशाला ने खाट
छह राज्यों के प्रतिनिधियों की क्षेत्र स्तर की बैठक के प्रबंध पिछले कई दिनों से चल रहे थे। इस बैठक में प्रतिनिधियों के आराम के लिये 10,20 नहीं, बल्कि पूरे 100 से ज्यादा खाटों की दरकार थी। प्रबंध के लिए कुछ धर्मशालाओं से संपर्क भी किया गया था। पता चला कि इनमें देश की सबसे बड़ी धर्मशालाओं में शुमार कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला से भी संपर्क किया गया था। धर्मशाला के एक प्रतिनिधि ने बताया कि खटमल होने की वजह से खाट नहीं दी गई। इधर पता चला है कि पर्याप्त संख्या में खाट न मिलने की वजह से कुछ छात्रावासों के तख्त जुटाए गए हैं।