रोपड़ पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
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एसएसपी ने बताया कि पंजाब के जिला फतेहगढ़ साहिब, तरनतारन, संगरूर और मोगा जिलों के ट्रांसपोर्ट दफ्तरों में यह जाली दस्तावेज बनाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार इन जिलों के ट्रांसपोर्ट दफ्तरों में मुलाजिमों की मिली भगत से ही जाली दस्तावेज तैयार हुए हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस की राडार पर कुछ सीनियर अधिकारी भी हैं। लेकिन अभी तक पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया है। एसएसपी ने इस घोटाले में दिल्ली, होशियारपुर, संगरूर और पटियाला के कार डीलरों के शामिल होने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार कारों की खरीद फरोख्त करने वाले डीलर महाराष्ट्र और दिल्ली समेत अन्य राज्यों से ज्यादातर टैक्सी चलाने वाली पुरानी गाड़ियां खरीद कर पंजाब समेत अन्य राज्यों में बेचते हैं। कुछ कार डीलर ट्रांसपोर्ट विभाग के मुलाजिमों के साथ मिलकर दूसरे राज्यों से लाई गई कारों के जाली दस्तावेज तैयार करके यह कार आम लोगों को बेचते हैं।
मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी स्वप्न शर्मा
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ठगी का काम करने वाले कार डीलर दूसरे राज्यों से लाई गई गाड़ियों की एनओसी नहीं लाते है। पंजाब में ट्रांसपोर्ट विभाग के मुलाजिम इन गाड़ियों के इंजन और चैसी नंबरों में हेराफेरी कर बिना अंतरराज्यीय टैक्स भरे इनकी जाली आरसी तैयार कर देते हैं। जिसके बाद कार डीलर मोटी कमाई कर आम लोगों को यह जाली दस्तावेजों वाली गाड़ी बेच देते हैं। पुलिस की तरफ से पकड़ी गई कारों में 86 एटिओज, दो रिट्ज, 2 इनोवा, तीन स्विफ्ट डिजायर और एक मर्सिडीज कार शामिल हैं।
कार डीलर पहले एनओसी का खर्च बचाते हैं। उसके बाद जिन सूबों में कार की रजिस्ट्रेशन करवानी है, उन सूबों में लगने वाले हजारों रुपये के अंतरराजीय टैक्स की चोरी करते हैं। - स्वप्न शर्मा, एसएसपी रोपड़
पुलिस तफतीश करने में में जुटी हुई है कि ठगी के मामलों में कौन-कौन से सरकारी मुलाजिम और अधिकारी शामिल हैं। - अमरबीर सिंह, इंस्पेक्टर सीआईए स्टाफ, रोपड़