चंडीगढ़। चंडीमंदिर कमांड अस्पताल को हाल ही में सेना जवानों, अधिकारियों और उनके परिजनों को बढि़या इलाज करने पर पूरे देश में रक्षामंत्री द्वारा रनर-अप की ट्रॉफी से सम्मानित किया गया है। इसी कड़ी में कमांड अस्पताल ने एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। कमांड अस्पताल में पहली बार एक सेनाकर्मी मरीज के घुटने की रोबोटिक सर्जरी की गई है। हालांकि इस सर्जरी के समय आर्थोपेडिक डॉक्टरों की टीम मौजूद रही। यह पहली रोबोटिक सर्जरी सेेना में मील का पत्थर साबित होगी। दरअसल कुछ समय पहले ही कमांड अस्पताल में सर्जरी के लिए रोबोट पहुंचा है। यह उपलब्धि भारतीय सेना के व्यापक आधुनिकीकरण प्रयासों के अनुरूप है। इसी कड़ी में कमांड अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में एक मरीज पहुंचा जिसके घुुटने में समस्या थी और वह चल-फिर भी नहीं सकता था। डॉक्टरों द्वारा उक्त मरीज का घुटना बदलने की सलाह दी गई। इसी कड़ी में हड्डी रोग विभाग के डॉक्टर अंकुर देशवाल ने अपनी टीम के साथ मरीज की कमांड अस्पताल में पहली रोबोटिक सर्जरी को अंजाम दिया। रोबोट द्वारा पूरे का पूरा घुटना नया लगाया गया है। कमांड अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी का उपयोग उन चोटों के उपचार में किया जाता है, जिन्हें मैन्युअल रूप से ठीक करना चुनौतीपूर्ण होता है।