अंबाला से चंडीगढ़ आ रहे एक नामी कंपनी के रिटायर्ड अधिकारी को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर लूटने का मामला सामने आया है। लुटेरे उसका आई फोन, नगदी, डेबिट कार्ड और तीन तोले सोने का कड़ा समेत कीमती सामान उड़ा ले गया। पीड़ित को गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती करवाया गया। अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पीड़ित की पहचान फेज-4 निवासी तेजपाल सिंह (60) के रूप में हुुई। पीड़ित के परिजनों ने पुलिस को शिकायत दे दी है। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
रेलवे का अधिकारी बन चाय ऑफर की
जानकारी के मुताबिक, घटना शुक्रवार शाम 6 बजे की है। तेजपाल ट्रेन से अंबाला से चंडीगढ़ आ रहे थे। बोगी में तेजपाल के अलावा केवल आरोपी ही था। मौके का फायदा उठाकर आरोपी उसके साथ वाली सीट पर बैठ गया। लुटेरे ने पीड़ित को बताया कि वह रेलवे में अधिकारी है।
वह भी चंडीगढ़ जा रहा है। इसके बाद आरोपी ने तेजपाल को चाय ऑफर की। वह चाय लेने के बहाने पेंट्री कार (ट्रेन की रसोई कार) में गया और उसने चाय में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर पीड़ित को दे दिया। उसने जैसे ही चाय पी वह बेहोश हो गया।
यार्ड में धुलने गई गाड़ी तो आया होश
रात करीब तीन बजे चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर जब गाड़ी धुलने के लिए यार्ड में खड़ी की गई तो पीड़ित को होश आया। बेसुध हालत में वह गाड़ी से उतरा। उसने आसपास के लोगों से जगह के बारे में पूछा। लोगों के बताने पर उसे पता चला कि वह चंडीगढ़ पहुंच गया है।
पांच रुपये में ऑटो चालक ने पहुंचाया बस अड्डे
पीड़ित को स्टेशन पर एक ऑटो चालक मिला। व्यक्ति ने चालक को पूरी बात बताई और कहा कि उसकी जेब में पांच रुपये हैं। उसे सेक्टर-17 के बस अड्डे जाना है। उसका स्कूटर अड्डे की पॉर्किंग में खड़ा है। चालक ने उसे पांच रुपये में बस अड्डा पर छोड़ दिया।
स्कूटर से गिरा तो राहगीर ने पहुंचाया पीजीआई
पीड़ित नशे की हालत में सेक्टर-17 से अपने स्कूटर से घर जा रहा था। कुछ दूर जाकर वह स्कूटर से गिर गया। उसे गंभीर चोटें आईं। किसी राहगीर की उस पर नजर पड़ गई। उसने उसे पीजीआई में भर्ती करवाया। साथ ही उसके परिजनों को सूचित किया। मौके पर पहुंचकर उसके परिजनों ने पीड़ित को फेज-4 स्थित एक नामी अस्पताल में भर्ती करवा दिया है। वहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
बेटे का गिफ्ट देने गए थे दिल्ली
पीड़ित तेजपाल सिंह ने बातया कि उनका बेटा विदेश में रहता है। उसका एक दोस्त विदेश से दिल्ली आया हुआ था। वह उसे बेटे का गिफ्ट देने के लिए शुक्रवार सुबह पांच बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। उन्हें उसी दिन वापस लौटना था। जिस गाड़ी से उनको आना था वह छूट गई थी। इस कारण दूसरी ट्रेन पकड़कर आना पड़ा।