लूट की वारदात के दौरान यूको बैंक में एक सुरक्षा गार्ड भी तैनात नहीं मिला। जिसका पूरा फायदा लुटेरों ने उठाया। महज पांच मिनट में दहशत फैलाकर लुटेरे चलते बने और पुलिस व बैंक प्रबंधक हाथ मलते रह गए। अब पुलिस लकीर पीट रही है और बैंक अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर रही है। वहीं पुलिस भी सुरक्षा को लेकर निशाने पर हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में यूको बैंक में दिन दिहाड़े लूट की वारदात ने पंजाब पुलिस की सुरक्षा की पोल खोल दी है।
मैं डर गई थी लुटेरे ने मेरे सिर पर पिस्टल रखकर चेन खींच ली: बैंक मैनेजर
यूको बैंक की मैनेजर परमिंदर कौर निवासी, आजाद नगर शाहकोट रोजाना अपडाउन करती हैं। परमिंदर ने बताया कि बैंक में कुछ कस्टमर थे, इसके बाद काम खत्म कर वह घर निकलने वाले थे कि तीन लुटेरे बैंक में घुस आए। जिसमें एक बैंक के गेट पर खड़ा हो गया और दो पिस्टल लहराते हुए अंदर आए और सभी को शांत रहने को कहने लगे। जब एक लुटेरा कैशियर के केबिन की ओर बढ़ा तो दूसरा पिस्टल लेकर उनके पास आया और बोला, सोने की चेन उतारकर दो। जब वह पीछे हुईं तो लुटेरे ने सिर पर पिस्टल तान दी।
वह डर गईं लेकिन चेन के लिए वह खींचतान करता रहा, क्योंकि चेन का लॉक मजबूत होने के कारण नहीं खुल रहा था तो लुटेरे ने चेन को तोड़कर छीन लिया। इसी दौरान उसकी नजर हाथ में पहनी अंगूठी और सोने के कड़ों पर पड़ी, जो धमकाकर उतरवा लिए। वह डरी हुई थीं कि घरवालों को क्या जवाब देंगी कि ज्वेलरी कहां है।
केबिन में घुसकर पिस्टल तानी पूरा कैश बैग में भरकर ले गया: कैशियर
बैंक कैशियर के केबिन में घुसकर लुटेरा सिर पर बंदूक तानकर रुपये बैग में भरने लगा तो वह डर गए कि कुछ बोला तो लुटेरा गोली मार देगा। ये बात बैंक कैशियर प्रेम कुमार निवासी गांव सचरंगी गाखल ने कही। उन्होंने कहा कि वह शोर मचाते भी तो आवाज बाहर तक न जाती। लुटेरे पिस्टल तानकर पूरा कैश ले गए। कितना कैश था कुछ पता नहीं।
पुलिस मामले की जांच कर मामला दर्ज कर रही है। घटना स्थल पर पहुंचे डीसीपी सिटी जगमोहन सिंह, डीसीपी अंकुर गुप्ता, डीसीपी (जांच) जसकिरण जीत सिंह तेजा और सीआईए स्टाफ की टीम ने बताया कि बैंक में कुल 6 लोगों का स्टाफ था, जिसमें मैनेजर परमिंदर कौर, असिस्टेंट मैनेजर दिव्या और दो अन्य ड्यूटी पर थे, जबकि अंकित गुप्ता और सुरजीत छुट्टी पर थे। वहीं बैंक में दो हेल्पर महिला रजनी और 12 साल से तैनात हंसराज निवासी जालंधर भी थे।
कैशियर के केबिन का तोड़ा शीशा
लुटेरे ने कैशियर के केबिन तक पहुंचने के लिए वहां लगे शीशे को तोड़ डाला। इसके बाद वह बैंक कैशियर के केबिन में घुस गया। वहां पर रखा सारा कैश वह एक बैग में डालकर ले गया। फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है, ताकि फिंगर प्रिंट से कोई सुराग मिल सके।
बैंक को कई बार नोट करवाया, नोटिस भेजा पर नहीं रखा सुरक्षा कर्मचारी: सुखबीर
जालंधर में कमिशनरेट पुलिस है और यहां पर डीसीपी के पास न्यायिक शक्तियां भी हैं, जिसका इस्तेमाल कर डीसीपी बैंकों को आदेश जारी करते हैं कि अपने यहां पर सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। थाना आठ के एसएचओ सुखबीर सिंह का कहना है कि कई बार बैंक को लिखा गया था, नोटिस भी जारी किया गया लेकिन यूको बैंक ने सुरक्षा कर्मचारी नहीं रखा। पुलिस बैंक प्रबंधकों पर भी कार्रवाई करेगी।
बैंक में खड़े ग्राहकों का भी छूटा पसीना
लूट के वक्त बैंक में मौजूद एक ग्राहक विनोद कुमार ने बताया कि लुटेरों ने बैंक में आते ही हवा में पिस्तौल लहराते हुए कहा कि ‘जेहड़ा जित्थे है उत्थे ही खड़ा रहे जां बैठ जाए। जे हिल्ले तां गोली मार देआंगे। इस जोरदार आवाज को सुनकर उसके चंद सेकेंड के लिए होश ही उड़ गए। माथे पर पसीना भी आने लगा और दिल घबराने लगा था।
बैंक के स्ट्रांग रूम में सिर्फ 6.72 लाख रुपये बचे, साढ़े 10 लाख की लूट बता रहे बैंक वाले
बैंक में सुबह स्ट्रांग रूम से कितना पैसा निकाला गया ये तो नहीं बताया गया लेकिन लूट के बाद सिर्फ 6.72 लाख रुपये ही बचे थे। फिलहाल बैंक वाले साढ़े 10 लाख की लूट बता रहे हैं, बाकी ऑडिट के बाद पता चलेगा। जबकि लूट करीब 15 लाख की बताई जा रही है। बैंक में कितना कैश आया था और कितना ग्राहकों को दिया गया है, उसकी की रिपोर्ट बनाई जा रही है।
लुटेरे स्ट्रांग रूम ढूंढ रहे थे, मैंने कहा छोटा बैंक है स्ट्रांग रूम नहीं है: हंसराज
बैंक के हेल्पर हंसराज ने बताया कि वह 12 साल से बैंक में काम कर रहा है। कैश काउंटर से पैसा लूटने के बाद लुटेरे स्ट्रांग रूम ढूंढ रहे थे तो वह आगे बढ़ा जिस पर लुटेरों ने पिस्टल तानते हुए जान से मारने की धमकी दी। उसने लुटेरों को कहा कि छोटा बैंक है, इसलिये यहां स्ट्रांग रूम नहीं है, जिसके बाद लुटेरों ने यहां-वहां देखा और धमकी देकर भाग गए।
ब्रांच में सिक्योरिटी गार्ड हेड ऑफिस से रखे जाते हैं, हमारे बस की बात नहीं: मुख्य प्रबंधक
लूट के बाद बैंक कर्मियों के चेहरे पर डर और मायूसी साफ झलक रही थी। बैंक के मुख्य प्रबंधक एमएस मोती ने कहा कि ब्रांच में सिक्योरिटी गार्ड हेड ऑफिस से रखे जाते हैं, ये हमारे बस की बात नहीं। जालंधर में जितनी भी यूको बैंक की ब्रांच हैं, उनमें भी सिक्योरिटी गार्ड नहीं है। पहले थे लेकिन रिटायर होने के बाद बैंक ने नए सिक्योरिटी गार्ड भर्ती ही नहीं दिए।