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हरियाणाः रोडवेज का चक्का जाम, 1628 हड़ताली प्रोबेशन कर्मियों पर गिरी गाज

Wed, 08 Aug 2018 09:39 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Haryana Roadways Bus - फोटो : File Photo
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हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों की 24 घंटे की हड़ताल के कारण सरकारी बसों के पहिए थमे रहे। प्रदेश सहित आठ राज्यों में रोडवेज बसों की सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति में शामिल आठ यूनियनों ने केंद्रीय फेडरेशन के आह्वान पर यह चक्का जाम किया। हड़ताल में शामिल न होकर पांच अन्य यूनियनों ने भी बाहर से चक्का जाम को नैतिक समर्थन दिया।
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रोडवेज बसों का संचालन न होने से जनता हलाकान रही। चूंकि, हरियाणा सहित पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, राजस्थान व उत्तराखंड में रोडवेज की चार हजार बसें रोजाना आवागमन करती हैं। 

चक्का जाम के कारण जहां साढ़े तेरह लाख यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी, वहीं परिवहन विभाग को चार करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व हानि हुई है। चक्का जाम से खफा सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
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प्रोबेशन पर चल रहे 1628 चालक-परिचालकों को हड़ताल में शामिल होने पर सेवाएं समाप्त करने के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। किसी भी समय इनकी सेवाएं खत्म की जा सकती हैं। सरकार ने दावा किया है कि हड़ताल के बावजूद पांच सौ रोडवेज बसें रूट पर चलीं और 950 सहकारी समितियों की बसों ने भी सुचारू रूप से प्रदेश में विभिन्न रूटों पर अपनी सेवाएं दी।

हड़ताल से सबक ले केंद्र-राज्य सरकार

रोडवेज का चक्का जाम - फोटो : file photo
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेता इंद्र सिंह बधाना, सरबत सिंह पूनिया, वीरेंद्र सिंह धनखड़ व पहल सिंह तवर ने कहा कि देश व प्रदेश के रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार की गलत नीतियों के विरोध में हड़ताल की है।

हरियाणा व केंद्र सरकार को इससे सबक लेना चाहिए। मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2017 को रद्द करवाने, सरकार द्वारा 700 बसें ठेके पर लेने के विरोध में, आमजन की बेहतर, किफायती व सुरक्षित सरकारी परिवहन सेवा व परिवहन क्षेत्र में सरकारी रोजगार को बचाने इत्यादि मुद्दों को लेकर रोडवेज का पूर्ण चक्का जाम रहा। केंद्र सरकार नए मोटर व्हीकल एक्ट को लागू कर सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र का पूर्ण निजीकरण करना चाहती है। हरियाणा सरकार ने 700 बसों को ठेके पर लेने का फैसला लिया है, जो जनविरोधी है।

3000 तकनीकी पद खाली पडे़
सरबत पूनिया व पहल सिंह ने बताया कि हरियाणा रोडवेज की कर्मशाला में वर्तमान बसों की संख्या के आधार पर ही लगभग 3000 तकनीकी पद खाली पड़े हैं। पिछली सरकार ने इनमें से 645 पदों पर आवेदन मांगे थे, वर्तमान हरियाणा सरकार ने भी कई बार इन पदों पर शीघ्र भर्ती का आश्वासन दिया है लेकिन आज तक भर्ती नहीं कर पाई।
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अगर 1628 प्रोबेशन कर्मी निकाले तो फिर चक्का जाम

फाइल फोटो
प्रदेश की जनसंख्या लगभग तीन करोड़ है, और इस हिसाब से हरियाणा परिवहन विभाग में 18000 बसें होनी चाहिए। लेकिन, बसें केवल 4000 हैं। यानी प्रदेश की जनसंख्या के अनुपात में लगभग 14000 नई सरकारी बसों की आवश्यकता है। 14000 बसों से प्रदेश के लगभग 84000 हजार बेरोजगार युवकों को चालक, परिचालक, क्लर्क, स्टोर स्टाफ, तकनीकी स्टाफ, हेल्पर, चौकीदार, सफाई कर्मचारी आदि के रूप में सरकारी व स्थायी रोजगार मिल सकता है।

संघर्ष समिति ने 2018 में भर्ती 1628 नए चालक-परिचालकों को नौकरी से निकालने पर दोबारा चक्का जाम की चेतावनी दी है। समिति नेताओं ने कहा कि प्रोबेशन कर्मियों को नौकरी से निकाला गया तो उसी समय संबंधित डिपो बंद कर दिया जाएगा। संघर्ष समिति ने आपात बैठक 8 अगस्त को जींद में बुलाई है। यदि सरकार ने हड़ताल में शामिल नए चालक-परिचालकों को नौकरी से निकालने का तुगलकी फरमान तुरंत वापस नहीं लिया तो बुधवार को जींद से बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी। 
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