चंडीगढ़ में ड्रग्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति यह बन गई है कि नशा तस्करों को रोकने के लिए पुलिस को रास्तों पर गड्ढे खुदवाने के साथ फेंसिंग तक लगवानी पड़ रही है।
चंडीगढ़ पुलिस के आंकड़ों के अनुसार इस साल (2025) अब तक एनडीपीएस एक्ट के 46 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें सबसे अधिक मामले सेक्टर-39 थाने में सामने आए हैं। वहीं, एक जनवरी 2020 से 29 अप्रैल 2025 तक पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के कुल 688 केस दर्ज किए हैं, जिनमें सर्वाधिक 85 मामले सेक्टर 39 थाने में दर्ज हुए। सेक्टर-38 ईडब्ल्यूएस कॉलोनी ड्रग्स तस्करों का गढ़ बनी हुई है और यहां कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के कई मुख्य ड्रग्स तस्कर इसी इलाके में रहते हैं, जो सेक्टर 39 थाने के अंतर्गत आता है।
तस्करों पर नकेल कसने के लिए सेक्टर 39 के थाना प्रभारी चिरंजीलाल ने सेक्टर 38 ईडब्ल्यूएस के कच्चे रास्तों पर जेसीबी से गड्ढे खोदवा दिए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि कोई भी व्यक्ति ड्रग्स लेने के लिए इन रास्तों का इस्तेमाल न कर सके और कॉलोनी में आने-जाने वालों को मुख्य सड़क का ही उपयोग करना पड़े, जहां पुलिस की टीमें तैनात रहती हैं। इसके साथ ही, थाना प्रभारी ने कॉलोनी के एक तरफ कंटीली तारें (फेंसिंग) भी लगवा दी हैं।
सेक्टर 39 थाना पुलिस ने इस साल अब तक एनडीपीएस एक्ट के 8 मामले दर्ज कर 80 ग्राम हेरोइन, 4 टीके, 6 क्रैक बॉल, 9 किलो गांजा और 50 हजार रुपये ड्रग मनी बरामद की है। सूत्रों के अनुसार, इंदिरा कॉलोनी में भी एक व्यक्ति खुलेआम गांजा बेच रहा है, जो पहले शराब की तस्करी में भी शामिल था और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
हाल ही में क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान से ड्रग्स लाकर ट्राइसिटी में बेचने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनके कब्जे से 312.71 ग्राम हेरोइन, 5.12 लाख रुपये ड्रग मनी, दो कारें और एक स्कूटी बरामद हुई थी।
हेरोइन के बाद अब क्रैक बॉल का नशा कर रहे युवा
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के कई मामलों में क्रैक बॉल भी बरामद की है। जांच में सामने आया है कि पंजाब से भी लोग सेक्टर-38 ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में क्रैक बॉल खरीदने आते थे। इसका खुलासा लुधियाना के ड्रग्स तस्कर दीपक वर्मा ने भी पुलिस पूछताछ में किया था, जिसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की थी। उसने बताया था कि वह लुधियाना से चंडीगढ़ सिर्फ क्रैक बॉल लेने आता था।