चंडीगढ़। स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान में बेहतर परिणाम के लिए अधिकारी जीजान से जुटे हैं। शहर को चमकाने का काम जारी है। लेकिन उनके प्रयासों पर सेक्टर-26 की मंडी का कूड़ा भारी पड़ने वाला है। क्योंकि मंडी में स्थिति बदतर है। सड़कें कीचड़ से भरी हैं और हर तरफ कूड़े के ढेर लगे हैं। बदबू के कारण खरीदार वहां चाहकर भी नहीं रुक पा रहे। आढ़ती न चाहते हुए गंदगी और बदबू के बीच दुकान चलाने को मजबूर हैं। आलम यह है कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति सीधे मंडी में पहुंचे तो उसकी नजर में सिटी ब्यूटीफुल का नाम गलत साबित हो जाए। मंडी के आढ़तियों का कहना है कि अधिकारी एयरकंडीशन कमरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। मंडी की हालत से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजमोहन राजू का कहना है कि बरसात में फल और सब्जियां खुले में सड़ रही हैं। नुकसान पर रोक लगाने वाला कोई नहीं है। दुकानदार और खरीदार कीचड़ में फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। वहीं अध्यक्ष बलबीर सिंह का कहना है कि सफाई के नाम पर बस खानापूर्ति की जा रही है। यही हाल रहा तो मंडी में खरीदार आने से तौबा करेंगे।
प्रशासन कर रहा अनदेखी
मैं सब्जी खरीदने आया था। कीचड़ में गिरते-गिरते बाल-बाल बचा हूं। प्रशासन मंडी में साफ-सफाई को लेकर अनदेखी कर रहा है। अब तो बरसात में यहां आने से डर लगने लगा है। -दीपक चौधरी, बड़हेरी
मंडी की स्थिति नारकीय
सेक्टर-26 की सब्जी और फल मंडी की स्थिति इन दिनों नारकीय है। जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा है। बदबू के कारण सांस लेना मुश्किल होता है। हम तो महंगी सब्जी बाहर से ही खरीदकर लौट आ रहे हैं। अंदर जाने की हिम्मत नहीं हो रही। -आयुष कुमार, रायपुर खुर्द
व्यवस्था बहाल करने के प्रयास जारी
मंडी में सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार प्रयास जारी है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निरीक्षण कर हफ्तेभर की रिपोर्ट पेश करें, जिससे सुधार का आकलन किया जा सके। -रूपेश अग्रवाल, एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के सचिव