यूटी प्रशासन शहर के स्कूलों के पाठ्यक्रम में रोड सेफ्टी शिक्षा को शामिल करने की तैयारी कर रहा है। यूटी सचिवालय में स्टेट लेवल रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक के दौरान ट्रैफिक एसएसपी शशांक आनंद ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि एससीईआरटी, ट्रैफिक पुलिस और अराइव सेफ संस्था मिलकर इसके लिए सिलेबस तैयार कर रहे हैं। इसे स्कूलों में लागू किया जाएगा। बच्चों को पहली कक्षा से ही सड़क सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जाएगी ताकि आने वाले समय में सड़क सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
एडवाइजर मनोज परिदा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सड़क सुरक्षा के उपायों के बारे में चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत में एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद ने शहर में हादसों की स्थिति, साइकिल पर चलने वाले और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताया। साथ ही किस तरह ट्रैफिक पुलिस ने चंडीगढ़ के डार्क स्पॉट्स को खत्म किया है, उसके बारे में जानकारी दी।
उन्होंने यह भी बताया कि शहर में छह एलईडी डिस्प्ले लगाए गए हैं, जो रियल टाइम स्पीड की जानकारी देते हैं। इस स्पीड डिस्प्ले बोर्ड को लगाने का मकसद यह है कि ड्राइवर खुद अपनी स्पीड को देखें और किसी भी तरह के होने वाले हादसे से बच सकें।
बैठक में एडवाइजर मनोज परिदा के अलावा गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता, वित्त सचिव अजॉय कुमार सिन्हा, डीसी मनदीप सिंह बराड़, नगर निगम के कमिश्नर केके यादव, सीटीयू के डायरेक्टर उमाशंकर गुप्ता, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया समेत अन्य उपस्थित रहे।