चंडीगढ़। पंजाब सीएम आवास के सामने 25 साल से बंद सड़क पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर आम लोगों की आवाजाही के लिए आखिरकार बुधवार देर शाम साढ़े 6 बजे खोल दी गई। हालांकि, पहले दिन सड़क को महज आधा घंटा ही खोला गया। शाम सात बजते ही बंद कर दिया गया। बैरिकेड हटाकर सड़क खोलने की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय थाना प्रभारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी व अदालत के कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान वीडियोग्राफी भी करवाई गई, जोकि अगली सुनवाई में हाईकोर्ट के समक्ष पेश की जाएगी। अब वीरवार से यह सड़क सुबह 7 से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी। इसे लेकर बुधवार दोपहर के समय एसएसपी कंवरदीप कौर ने जायजा लिया।
जानकारी के मुताबिक 25 साल पहले सेक्टर-2 स्थित पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री आवास के सामने सड़क को सुरक्षा कारणों के चलते बंद कर दिया गया था। हालांकि इस मामले को लेकर कई बार शिकायतें भी हुईं लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते सड़क को नहीं खोला, जबकि यह सड़क पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने से शुरू होकर सीधे रॉक गार्डन, हाईकोर्ट, पंजाब-हरियाणा सिविल सेक्रेटेरिएट, बर्ड पार्क, सुखना लेक को जोड़ती है। कुछ समय पहले इस बंद सड़क का मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने आम लोगों के लिए सड़क बंद करने पर पंजाब सरकार व यूटी प्रशासन से जवाब तलब किया था। हाईकोर्ट का कहना था कि जब हरियाणा के मुख्यमंत्री आवास के बाहर की सड़क आम लोगों के लिए खुली है तो पंजाब के लिए अलग प्रावधान क्यों।
हाईकोर्ट ने बीते 23 अप्रैल को सुनवाई के दौरान एक मई से सड़क को सुबह 7 से शाम 7 बजे तक खोलने के आदेश दिए थे। अदालत ने अगली सुनवाई पर यूटी प्रशासन व पुलिस से इसकी रिपोर्ट भी तलब की है। हाईकोर्ट के आदेशों को तामील करवाने के लिए बुधवार देर शाम करीब साढ़े 6 बजे पुलिस व अदालत के कर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने यहां वर्षों से फिक्स बैरिकेड को हटाया और वाहनों की आवाजाही शुरू कर करवाई। हालांकि, महज आधे घंटे बाद सात बजे ही इस रास्ते को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया। इस दौरान रास्ते को खोलने व वाहनों की आवाजाही की पूरी वीडियोग्राफी भी करवाई गई। यह सड़क खुलने से सबसे अधिक फायदा सचिवालय, हाईकोर्ट व अन्य कर्मियों को होगा, जिन्हें अभी नयागांव जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।