चंडीगढ़। 82 वर्ष की उम्र में बिस्तर पर जीवन काट रही महिला को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पति व बच्चों से गुजारा भत्ता की राशि जल्द से जल्द दिलाने का चंडीगढ़ की अदालत को आदेश दिया है। महिला ने घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत गुजारा भत्ता दिलाने के लिए याचिका दाखिल की थी।
चंडीगढ़ सेक्टर 35 निवासी महिला ने हाईकोर्ट को बताया कि वह 82 वर्ष की है और उसका व उसके पति का वैवाहिक विवाद है। इसी विवाद के चलते उसने 2019 में गुजारा भत्ते के लिए घरेलू हिंसा अधिनियम में याचिका दाखिल की थी। लंबे समय तक इस पर कोई निर्णय नहीं होने पर उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। हाईकोर्ट ने इस याचिका का जल्द निपटारा करने का 2023 में आदेश दिया था। आदेश के अनुसार चंडीगढ़ की अदालत ने 35 हजार रुपये प्रतिमाह मुआवजा तय कर दिया। मुआवजा तय होने के बावजूद जब इसका भुगतान नहीं हुआ तो आदेश के पालन के लिए याचिका दाखिल कर दी गई। यह याचिका लंबे समय तक लंबित रही तो फिर से याची ने हाईकोर्ट की शरण ली और राशि जल्द जारी करने का निर्देश देने की मांग की। जस्टिस मीनाक्षी आई मेहता ने इस याचिका का निपटारा करते हुए निचली अदालत को जल्द से जल्द इस राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का यूटी प्रशासन को आदेश दिया है।