हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक शानदार मिशाल पेश की। उनके दिल में गरीबों के प्रति उदारता और संवेदनशीलता का एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिला जब उनके हस्तक्षेप से रेवाड़ी जिले के जाटूसाना निवासी नाबालिग रितिक विशेष बीपीएल कार्डधारक बन गया। सीएम के हस्तक्षेप से रितिक हरियाणा का पहला ऐसा नाबालिग हो गया है जिसका विशेष बीपीएल कार्ड बनाया गया है।
जाटूसाना निवासी रितिक सरकारी स्कूल में कक्षा सातवीं में पढ़ रहा है। जब वह 5 साल का हुआ मां चल बसी, 9 साल का हुआ तो पिता का क्षय रोग से निधन हो गया। दादा- दादी जिंदा हैं, लेकिन वे खुद ही बीमार रहते हैं। रितिक किसी के साथ राशनकार्ड में अपने पिता का नाम कटवाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पहुंचा।
यहां तकनीकी दिक्कतों की वजह से उसका कार्ड बनना संभव नहीं था, जो कि अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से बन गया है। बता दें कि राशन कार्ड बनवाने के लिए परिवार के मुखिया का बालिग होना जरूरी है। रितिक परिवार में अकेला था, ऐसे में उसका राशन कार्ड नहीं बन पा रहा था।
डीसी ने पहल की तो बनी बात
रेवाड़ी डीसी यशेंद्र सिंह के सामने जब यह बात आई तो उन्होंने रितिक को शहर के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में लंच के लिए बुलाया। उस समय रितिक के पास पहचान के नाम पर महज आधार कार्ड था। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए रेवाड़ी के उपायुक्त ने उसको बुलाकर राशन कार्ड की कार्रवाई को पूरा कराते हुए इसमें आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर सीएम ऑफिस को अवगत कराया। ऐसे में मंगलवार को शाम 6 बजकर 25 मिनट पर रितिक का बीपीएल राशन कार्ड जारी कर दिया गया।