चंडीगढ़ सहित उत्तर भारत के कई स्थानों पर पिछले कुछ वर्षों से डेंगू सीरो टाइप 2 तेजी से फैल रहा है। पीजीआई के वायरोलॉजी विभाग की ओर से सीरोलॉजी से जुड़े शोध कार्यक्रम में इसकी पुष्टि हुई है। यह चिंताजनक है क्योंकि इसमें रोगियों के ब्लड प्रेशर में तेजी से गिरावट आ जाती है, जिससे शॉक लगने या मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है इसलिए डेंगू से बचाव के लिए हमेशा सचेत रहने की जरूरत है। यह कहना है पीजीआई के वायरोलॉजी विभाग के प्रमुख व उप डीन रिसर्च प्रोफेसर आरके राथो का।
उन्होंने बताया कि 2022 और 1023 के मानसून के बाद के मौसम के दौरान विभाग की ओर से क्रमशः 10000 और 8000 से अधिक डेंगू के संदिग्ध मामलों की जांच की गई। इसमें 10 से 12 प्रतिशथ डेंगू पॉजिटिव निकला। ऐसी स्थिति में इस क्षेत्र में फैलने वाले डेंगू के प्रकार के बारे में जानना बेहद महत्वपूर्ण था इसलिए डेंगू के 1,2,3 और 4 प्रकार के वायरस के बारे में जानकारी एकत्र करने पर काम शुरू किया गया। सितंबर 2022 में पिंजौर कालका में फैले डेंगू के प्रकोप की पहचान डेंगू टाइप टू वायरस के रूप में हुई थी। पीजीआई के शोध को ध्यान में रखते हुए संस्थान को हाल ही में आईसीएमआर के साथ डेंगू सीरोलॉजी के लिए शुरू किए गए कार्यक्रम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसके अंतर्गत देशभर के 100 प्रयोगशालाओं में किए गए डेंगू आईजीएम और एनएस 1, एजी एलिसा परीक्षणों की पीजीआई की ओर से निगरानी की जाएगी। वहीं, पीजीआई इन प्रयोगशालाओं में परीक्षण की गुणवत्ता में सुधार करने पर भी व्यापक स्तर पर काम करेगा।
डेंगू सीरो टाइप-2 के लक्षण
रक्तस्रावी डेंगू बुखार के कारण लोगों को गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं जैसे लो ब्लड प्रेशर, सर्दी, चिपचिपी त्वचा, बेचैनी और पल्स रेट में गिरावट जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा कुछ लोगों में कई और गंभीर स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं, जिसके बारे में विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है।
तेज बुखार
लसीका तंत्र को क्षति
परिसंचरण तंत्र की विफलता
नाक से या त्वचा के नीचे से खून बहना
आंतरिक रक्तस्राव
लिवर के बढ़ने की समस्या
मदद चाहिए तो करें कॉल
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर-76260-02036 पर संपर्क कर सकते हैं।
इनसेट
यहां हो रही डेंगू जांच
पीजीआई, जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, सिविल अस्पताल मनीमाजरा, सिविल अस्पताल सेक्टर-22 और सिविल अस्पताल सेक्टर-45।
मच्छरों से बचना है तो यह करें
- घरों के आसपास पानी जमा न होने दें
- मच्छर अक्सर घरों में पैदा होते हैं। फ्रिज से जो पानी निकलता है, उसमें भी लार्वा बनते हैं
- बोतल के छोटे से ढक्कन में पानी होने पर भी लार्वा बन सकता है
- कूलर में इसके पनपने का ज्यादा खतरा रहता हैं। इसलिए हर हफ्ते कूलर का पानी बदलें
- कूलर का पानी निकालने के बाद उसे सूखने दें। फिर उसमें पानी भरें
- जहां पर पानी रहता है, वहां पर एक बार केरोसिन तेल जरूर डाल दें
- विंडो एसी के बाहर वाले हिस्से के नीचे पानी टपकने से रोकने के लिए लगी ट्रे को रोज खाली करना न भूलें
- गमले चाहे घर के भीतर हों या बाहर, इनमें पानी जमा न होने दें। गमलों के नीचे रखी ट्रे भी खाली करना न भूलें।
- छत पर टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें या उलटा कर रखें। पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें।
- पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली करके साफ करने के बाद पानी भरें।
- घर के अंदर सभी जगहों में हफ्ते में एक बार मच्छर नाशक दवाई का छिड़काव जरूर करें।
पिछले सात वर्षों में सितंबर में स्थिति
वर्ष डेंगू के मरीज मौत
2024 में अब तक 0
2023 250 00
2022 212 00
2021 65 03
2020 19 00
2019 30 00
2018 56 00
2017 662 00