चंडीगढ़। कोरोना महामारी ने वैसे ही लोगों की कमर तोड़ दी है, अब डीजल-पेट्रोल की बढ़ी कीमत ने परेशानी और बढ़ा दी है। इस वजह से लोगों का बजट गड़बड़ा गया है। आलम यह है कि शहर में इस समय पेट्रोल 94.69 और डीजल 89.54 प्रति लीटर मिल रहा है। पेट्रोल- डीजल केदाम में बढ़ोतरी का असर माल के दाम पर भी पड़ रहा है। लोगों को महंगा सामान मिल रहा है। कई लोगों ने पेट्रोल-डीजल की कार छोड़कर सीएनजी वाली कार अपनाने लगे हैं। उधर, शहर के कई ट्रांसपोर्टरों ने अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी हैं। कर्ज उतारना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
चंडीगढ़ में लगभग 300 ट्रांसपोर्टरों के पास 3000 ट्रक हैं। ज्यादातर ट्रांसपोर्टरों ने अपनी गाधी गाड़ियां खड़ी कर दी हैं, वहीं आधी गाड़ियों से सामान ले जा रहे हैं, क्योंकि भाड़ा महंगा होने से लोग भी अब कम ही माल मंगवा रहे हैं। वहीं शहर के लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की वृद्धि ने उनका बजट बिगाड़ कर रख दिया है। अगर कीमतें और बढ़ती हैं तो उनकी स्थिति और दयनीय हो जाएगी।
क्या कहते हैं लोग
फसल बेचने में बचत भी हुई कम
पेट्रोल-डीजल में बढ़ोतरी से फसल बेचने के बाद होने वाली बचत में भी काफी अंतर आया है। पहले जो बचत 500 रुपये की होती थी, अब वह 300 रुपये की रह गई है। हमारे पास तो कोई सीएनजी का भी विकल्प नहीं है।
-अमरीक सिंह, किसान, डड्डूमाजरा
भाजपा अपने राज्यों में कम करे डीजल के रेट
भाजपा का केंद्र में और कई राज्यों में सरकारें हैं। अपने राज्य सरकार में डीजल के रेट कम करें, तभी तो दूसरी पार्टियों के जो दूसरे राज्यों में सरकारें चल रही हैं, वह कीमत कम करेंगी। सरकार यह पहल शुरू करे।
-बजरंग शर्मा, महासचिव चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
जीएसटी के दायरे में आए डीजल के रेट
डीजल की कीमतों में बहुत बढ़ोतरी हो गई है। ट्रांसपोर्टरों को काफी नुकसान हो रहा है। डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए। इससे कीमतों पर नियंत्रण हो सकेगा। सरकार तुरंत पहल करे।
-सरजंट सिंह, खुशदिल ट्रांसपोर्ट चडीगढ़
600 रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ा
पहले बाइक से ऑफिस जाता था और लौटकर आता था। लगभग 20 किमी के सफर में हर माह 900 से 1000 रुपये का पेट्रोल लगता था। अब 1500 रुपये प्रति माह पेट्रोल पर खर्च हो जा रहा है। अब कोशिश रहती है कि आसपास कहीं जाना हो तो पैदल ही चला जाए। -केशव कुमार, निवासी हल्लोमाजरा
पेट्रोल कार बेचकर सीएनजी वाली खरीद ली
मैं पहले पेट्रोल कार से ऑफिस जाता था तो हर माह लगभग 1600 से 1800 रुपये का पेट्रोल लगता था। दाम की बढ़ोतरी के साथ खर्च 2700 से 2800 तक पहुंच गया। मैंने पेट्रोल कार बेचकर सीएनजी खरीद ली है। इसमें काफी बचत है।
-प्रभाष कुमार, निवासी हल्लोमाजरा
महीना पेट्रोल डीजल
28 जनवरी 82.85 75.98
28 फरवरी 87.73 81.17
28 मार्च 87.36 80.80
28 अप्रैल 86.99 80.43
28 मई 90.11 84.77
28 जून 94.69 89.54
नोट- कीमत प्रति लीटर रुपये में।