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रियो ओलंपिक: शूटर बिंद्रा और हॉकी प्लेयर रुपिंदर से देश को 'अभिनव' उम्मीदें

Thu, 04 Aug 2016 09:25 AM IST
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
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Abhinav Bindra - फोटो : file photo
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रियो ओलंपिक का काउंट डाउन शुरू हो गया है। खेलों के महाकुंभ का डंका 6 अगस्त को बजेगा और इसमें विभिन्न खेलों के मुकाबले 24 अगस्त तक चलेंगे। रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले सिटी ब्यूटीफुल के संबंध रखने वाले शूटिंग स्टार अभिनव बिंद्रा और हॉकी प्लेयर रूपिंदर पाल सिंह देश को मेडल दिलाने की उम्मीद है तो वहीं इंजरी के चलते बलजिंदर सिंह और धर्मवीर सिंह का ओलंपिक में भारत की भागीदारी का सपना टूट गया है।
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गोल्डन ब्वॉय के नाम से जाने वाले अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक में गोल्ड पर निशाना साधकर न सिर्फ भारतीय खेलों की तस्वीर, बल्कि खिलाड़ियों के सोचने का तरीका भी बदल दिया। अभिवन रियो ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल कर विदाई लेना चाहेंगे। बिंद्रा पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि यह उनका अंतिम ओलंपिक है। पांचवीं बार ओलंपिक में निशाना साधने जा रहे अभिनव से देश को पदक की पूरी उम्मीदें हैं। उनको शुरुआती दिनों में राइफल चलाने की ट्रेनिंग शिक्षा देने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) जेएस ढिल्लों के मुताबिक अभिवन का शूटिंग से बड़ा लगाव है। उम्मीद है लंदन ओलंपिक की तरह वह  इस बार भी मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन करेंगे। 
 
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भारत के सबसे खतरनाक ड्रैग फिल्कर

Rupinder Singh Pal, Hockey Player - फोटो : file photo
भारत के सबसे खतरनाक ड्रैग फिल्कर गिने जाने वाले रूपिंदर पाल सिंह विरोधी खेमें में घुसकर गोल करने के लिए जाने जाते हैं। छह फुट के इस खिलाड़ी को 2016 का इंडियन हॉकी लीग (एचआईल) का बेस्ट प्लेयर का अवार्ड मिल चुका है। मूल रूप से पंजाब के फरीदकोट केरहने वाले रूपिंदर पाल सिंह ने हॉकी की एबीसीडी चंडीगढ़ स्थित हॉकी एकेडमी से सीखी। इसके बाद जूनियर टीम और भारतीय सीनियर हॉकी टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे। वे 2014 के कामनवेल्थ गेम्स में भारतीय सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

इसी तरह दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके ओलंपिक में भागीदारी पक्की मानी जा रही थी और साथ ही वे उनके मेडल लाने की भी पूरी संभावना थी। परंतु चोट के चलते दोनों रियो ओलंपिक का हिस्सा बनने से वंचित रह गए। बीस किलोमीटर पैदल चाल धावक बलजिंदर सिंह को हैमस्ट्रिंग की इंजरी केकारण रियो के टिकट से वंचित रहना पड़ा। शहर के डीएवी कालेज सेक्टर 10 के पूर्व छात्र और मूलरूप से डेराबस्सी निवासी बलजिंदर बंगलूरू ट्रेनिंग कैंप में शामिल हैं। बलजिंदर ने पिछले वर्ष ही रियो के लिए क्वालिफाई कर लिया था। बलजिंदर सिंह वर्ष 2012 के लंदन ओलंपिक में हिस्सा ले चुके है। तब उनका समय  1:25:39 था। बलजिंदर का मानना था कि रियो में वह बेहतर कर सकेंगे, लेकिन इंजरी उनका सपना टूट गया।

इसके अलावा भारतीय हाकी टीम के सदस्य धर्मवीर सिंह को डिस्क इंजरी के कारण रियो ओलंपिक से हाथ धोना पड़ा। वह रियो जाने वाली हॉकी इंडिया के कैंप में भी शामिल थे। मूल रूप से पंजाब के रोपड़ के पास रहने वाले धर्मवीर सिंह चंडीगढ़ हॉकी एकेडमी के प्रोडक्ट हैं। उन्होंने पहले भारतीय जूनियर हॉकी और फिर सीनियर हॉकी टीम में जगह बनाई। धर्मवीर सिंह लंदन ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा रहे।
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