चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति और हालिया छात्र चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। पीयू एबीवीपी ने आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बूरा के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। एबीवीपी की अर्पिता मलिक ने सोशल मीडिया रील के माध्यम से कहा कि पीयू की छात्र राजनीति को दूर बैठकर केवल इंस्टाग्राम पोस्ट और प्रेस स्टेटमेंट के आधार पर नहीं समझा जा सकता। उन्होंने कहा कि यहां चुनाव डर, दबाव या गुंडाराज से नहीं, बल्कि छात्र कार्य, विश्वसनीयता और जमीनी सक्रियता के आधार पर जीते जाते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद की दौड़ में गंभीर चुनौती न देने वाले संगठनों को छात्र जनादेश पर सवाल उठाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।