रेवाड़ी में गैंगरेप मामले में सरकार, पुलिस और सीएम खट्टर ने आक्रामक तेवर अपनाए हुए हैं। कई पर गाज गिर चुकी है, कई पर गिर सकती है। लापरवाही बरतने पर पहले रेवाड़ी के एसपी राजेश दुग्ग्ल को ट्रांसफर किया गया। देर शाम सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार और महिला थाने की सब इंस्पेक्टर हीरामणि को भी लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया।
आरोपी पांच दिन की पुलिस रिमांड पर
मामले में रविवार को पकड़े गए तीनों आरोपियों को एसआईटी ने सोमवार को सब डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पीयूष शर्मा की कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने सात दिन का रिमांड मांगते हुए कहा कि मामले में दो मुख्य आरोपियों को पकड़ना है। कई साक्ष्य जुटाने हैं इसलिए आरोपियों को सात दिन का रिमांड चाहिए। इस पर न्यायाधीश ने दूसरे पक्ष की दलील सुनी और तीनों आरोपियों को पांच दिन का रिमांड दिया। अब आरोपियों को पुलिस 21 सितंबर को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी।
रविवार को हिरासत में लिया गया था
पुलिस ने ट्यूबवेल मालिक दीनदयाल और वारदात स्थल पर जाकर पीड़ित छात्रा का इलाज करने वाले आरएमपी डाक्टर संजीव को तीन दिन पहले हिरासत में लिया था, लेकिन रविवार को इनकी गिरफ्तारी दिखा दी। जबकि दुष्कर्म के एक आरोपी निशु को सोनीपत के रिठाल गांव के अखाड़े से काबू किया था।
आरोपियों को किसी ने संरक्षण दिया तो होगी कार्रवाई
रेवाड़ी गैंगरेप
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि रेवाड़ी गैंगरेप मामले में तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया है, जबकि दो फरार हैं। सीएम ने चेतावनी दी कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में पुलिस को कड़े निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द आरोपियों को काबू किया जाए। सीएम ने कहा कि जो आरोपी फरार हैं, उनको यदि किसी ने भी संरक्षण दिया तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों से बातचीत में सीएम खट्टर ने कहा कि रेवाड़ी मामले में पुलिस को आदेश दिये हैं कि जल्द से जल्द असली आरोपियों को सलाखों के पीछे डाला जाए।
डीजीपी की चेतावनी, फील्ड अफसर काम करें वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें
मामले में पुलिस की किरकिरी होने के बाद पुलिस महानिदेशक बीएस संधू एक्शन में आ गए हैं। रविवार को सीएम मनोहर लाल के खिंचाई करने के बाद संधू ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उच्च पुलिस अधिकारियों को खूब खरी-खरी सुनाई। डीजीपी संधू ने चेतावनी देते हुए कहा कि या तो फील्ड अफसर बेहतर प्रदर्शन करें अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें। स्वयं मुख्यमंत्री महिलाओं की सुरक्षा और सलामती के संबंध में अति गंभीर व चिंतित हैं।
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई अनूठी पहल भी की हैं। शिकायत प्राप्त होने के तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों का मूल कर्तव्य तत्काल, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई करना होना चाहिए। हर पुलिस अधिकारी सतर्कता के साथ यह भी सुनिश्चित करे कि उसके संबंधित क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने रेंज में तैनात एडीजीपी, आईजी, पुलिस आयुक्तों और सभी एसपी को अपराधियों विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ अपराध में शामिल लोगों से निपटने के लिए ’तत्काल पंजीकरण और त्वरित कार्रवाई’ रणनीति अपनाने के कड़े निर्देश दिए।
कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद डीजीपी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित शिकायतों को तत्काल सभी पुलिस स्टेशनों में अविलंब पंजीकृत करें। किसी भी चूक को गंभीरता से लिया जाएगा, संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पर लापरवाही की स्थिति में कठोर कार्रवाई होगी।
रेवाड़ी मामले में चूक पुख्ता होने पर उचित कार्रवाई तय
रेवाड़ी गैंगरेप
डीजी मुख्यालय केके मिश्रा ने कहा रेवाड़ी मामले में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी के स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही या चूक का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। यदि इस प्रकरण में किसी भी पुलिस अधिकारी व कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
जिला एसपी को अधिक सक्रिय और संवेदनशील होना चाहिए। पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की जांच की प्रतिदिन आधार पर निगरानी करें। जघन्य अपराधों का शीघ्र ट्रायल करवाकर कठोर सजा दिलाई जाए।
कोसली बार एसोसिएशन नहीं करेगी आरोपियों की पैरवी
कोसली बार एसोसिएशन की बैठक सोमवार को प्रधान दुष्यंत यादव की अध्यक्षता में हुई। इसमें क्षेत्र की बेटी से की गई दरिंदगी की निंदा की गई। बार सदस्यों ने घटना में शामिल आरोपियों की पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया।