एसआईटी की गिरफ्त में दो मुख्य आरोपी
पीड़िता ने किसी तरह घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद परिजन उसको घर लेकर आए। अगले दिन 13 सितंबर को पीड़िता के परिजन तबीयत खराब होने पर उसे नागरिक अस्पताल लेकर गए, जहां उन्हें मेडिकल परीक्षण के बाद वापस भेज दिया गया। इसके बाद परिजन मामले की शिकायत के लिए महिला पुलिस थाना पहुंचे तो वहां उनकी शिकायत फाड़ दी गई और उन्हें कनीना थाने जाने को कहा गया था।
परिजनों ने जब घटना की जानकारी कनीना थाना को दी, तो उन्होंने पीड़ित परिवार को वापस रेवाड़ी भेज दिया। इसके बाद जब मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो रेवाड़ी महिला थाना पुलिस ने इस संबंध में जीरो एफआईआर दर्ज करके कनीना थाना में भेज दी। अगले दिन मामले के तूल पकड़ने और आरोपियों के फरार होने के बाद पुलिस हरकत में आई।
14 सितंबर को मामला मेवात एसपी की अगुवाई में गठित एसआईटी को सौंप दिया गया। उधर यह मामला काफी सुर्खियों में आने के बाद पीड़िता को नागरिक अस्पताल में दाखिल करा दिया गया। जिसके बाद उससे मिलने पूर्व मुख्यमंत्री सहित तमाम नेता पहुंच थे। इस मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पीड़िता के पूरी तरह सामान्य होने के बाद गुरुवार को उसको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अभी तक इस मामले में तीन मुख्य आरोपी समेत आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।