पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम।
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पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शुक्रवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने बताया कि शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की दर में कमी आई है। उन्होंने पीजीआई में भर्ती कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों की स्थिति के बारे में भी प्रशासक को जानकारी दी। उधर, घर में रह रहे कोरोना के मरीजों के लिए जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 और पीजीआई में डायलिसिस की सुविधा शुरू कर दी गई है।
प्रो. जगतराम ने बताया कि पीजीआई के नेहरू एक्सटेंशन हॉस्पिटल में कोरोना वायरस के 235 गंभीर मरीज भर्ती हैं। इनमें से 75 चंडीगढ़, 70 पंजाब, 31 हरियाणा, 20 हिमाचल प्रदेश और 21 अन्य राज्यों के रहने वाले हैं। पीजीआई में लिए गए 865 कोरोना के सैंपल में से चंडीगढ़ में रहने वाले 112 लोग पॉजिटिव आए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों की दर में कमी आई है। पीजीआई को कोरोना वायरस के मरीजों के लिए 30 वेंटिलेटर मिले हैं।
जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन ने बताया कि जीएमसीएच की ओर से लिए गए 701 सैंपल में से 87 पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने प्रशासक को जानकारी दी कि कई डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, जो घर में रह रहे कोरोना वायरस के मरीजों से बातचीत कर उनकी मदद कर रहे हैं।
जीएमसीएच, जीएमएसएच और पीजीआई में डायलिसिस की सुविधा
घर में रह रहे कोरोना के सक्रिय मरीजों के लिए जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 और पीजीआई में डायलिसिस की सुविधा शुरू कर दी गई है। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने तीनों अस्पतालों के प्रमुखों को आदेश दिए कि वह कोरोना के मरीजों को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था बनाएं, जिसका सभी लाभ ले सकें।
बदनौर ने इसके लिए विशेष स्वास्थ्य सचिव सरप्रीत सिंह गिल को जिम्मेदारी सौंपी है, जो तीनों अस्पतालों के साथ सामंजस्य स्थापित करेंगे। बैठक में चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा समेत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मोहाली और पंचकूला के डीसी भी उपस्थित रहे। वीपी सिंह बदनौर ने एडवाइजर को आदेश दिए कि कोविड केयर सेंटर में रोजाना जांच की जानी चाहिए। वहां पर स्वच्छता का खास ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड केयर सेंटर से निकलने वाले कचरे, मेडिकल वेस्ट, पीपीई किट, ग्लब्स आदि को केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देश के अनुसार ही उनका निस्तारण करना चाहिए।