हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए प्रदेश की आंगनबाड़ी वर्करों, हेल्परों की रिटायरमेंट उम्र 60 साल से बढ़ाकर 65 साल कर दी।
उन्होंने यह घोषणा वीरवार को अपने सरकारी आवास पर महिला सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस घोषणा से प्रदेश के 25962 केंद्रों में कार्यरत 51000 से ज्यादा महिलाओं को फायदा होगा।
मुख्यमंत्री ने गोहाना रैली में वर्करों का मानदेय बढ़ाकर 7500 रुपये और हेल्परों का मानदेय 3500 रुपये करने की घोषणा की थी।
मिनी केंद्रों की वर्करों का 4000 और मिड डे मील कुकों का 2500 रुपये मानदेय किया था। ये वर्कर और हेल्पर वीरवार को मुख्यमंत्री का आभार जताने चंडीगढ़ उनके आवास पर पहंचीं थीं।
सीएम ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं लागू करने वाली रीड की हड्डी आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर हैं। फिलहाल वे रिटायरमेंट उम्र बढ़ा रहे हैं।
इस मौके पर महिला बाल विकास मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में हर बुनियादी सुविधाएं हैं। देश में सबसे ज्यादा मानदेय सिर्फ हरियाणा में दिया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि रिटायरमेंट उम्र और मानदेय बढ़ाकर महिला सशक्तिकरण को वास्तव में उन्होंने बढ़ावा दिया है।
विभाग की प्रधान सचिव शशि गुलाटी ने केंद्रों से संबंधित जानकारी वाली पुस्तिका का विमोचन कराया। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव अनीता यादव, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह, विभाग की निदेशक रेणू एस. फुलिया, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की प्रधान जगमती मलिक उपस्थित थे।
इन 22 महिलाओं को किया सम्मानित
पूनम को इंदिरा गांधी महिला शक्ति,
मोहिंद्र कौर को कल्पना चावला शौर्य, नीलम को बहन शन्नो देवी पंचायती राज
अवार्ड, शोभालाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट, कमला दहिया, सुनील डबास, गीता,
कृष्णा पूनिया, यशदीप कौर, कैप्टन पूनम सांगवान, कुमारी भानू गौड और कैप्टन
रितू रानी को वूमेन अचीवर अवार्ड दिया गया। कृष्णा देवी, कांता देवी,
संतोष रानी को आंगनबाड़ी वर्कर अवार्ड दिया गया। रेनू, सुमन शर्मा,
प्रोमिला देवी, सुनीता रानी, सुमन, सुमित्रा देवी, ऊषा भंडारी को अन्य
पुरस्कार दिए गए।