चंडीगढ़। प्रशासन के बिजली विभाग से निजी कंपनी सीपीडीएल में भेजे गए रिटायर कर्मचारियों का बकाया 11 महीने बाद भी नहीं मिला है। पांच कर्मचारी रिटायर हुए और उनका लाखों रुपये का भुगतान नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों ने जल्द ही पैसा नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सोमवार को बयान जारी करते हुए बिजली कर्मचारियों के यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों और कंपनी को दोषी ठहराया और कहा कि बदले की भावना से कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। यूनियन ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर जुर्माना लगाने की मांग की है तथा जल्द आर पार की लड़ाई का ऐलान करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सीपीडीएल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहा है। काम के नाम पर कुछ नहीं किया गया है। यूनियन का आरोप है कि 1 फरवरी 2025 को 349 कर्मचारियों को उनकी मर्जी के बिना गैर कानूनी तरीके से एक साल के लिए सीपीडीएल में भेज दिया गया। इनमें से पांच कर्मचारी नौकरी छोड़ चुके हैं और पांच रिटायर हो गए हैं। रिटायर हुए कर्मचारियों को भी अब तक एक भी भुगतान नहीं किया गया है।