स्वच्छता रैंकिंग में चंडीगढ़ आए नंबर वन
इंदरजीत सिंह सिद्धू का कहना है कि बीते कई वर्षों से स्वच्छता रैंकिंग में चंडीगढ़ पिछड़ रहा था। इस बार सुनने में आया है कि चंडीगढ़ दूसरे स्थान पर आया है। वह चाहते हैं कि हमारा शहर चंडीगढ़ देशभर में पहले स्थान पर आए। बचपन से हमें पढ़ाया जाता था कि क्लीनलीनेस इज नेक्स्ट टू गॉडलीनेस। लेकिन अब उल्टा है। लोग गंदगी फैला रहे हैं। इतना ही नहीं मैं उठाता हूं तो मुझे भी कहते हैं- इसका दिमाग हिला हुआ है।
आनंद महिंद्रा भी हुए इंदरजीत सिद्धू के कायल
उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने इंदरजीत सिद्धू की तारीफ की है। महिंद्रा ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा-हर सुबह 6 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-49 की शांत गलियों में, 87 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी अपनी सेवा के दिन की शुरुआत करते हैं। सिर्फ एक साइकिल गाड़ी और कर्तव्य की अटूट भावना के साथ वह सड़क किनारे से कूड़ा उठाते हैं। उनका कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण सूची में चंडीगढ़ को मिले कम रैंक से वह खुश नहीं थे। लेकिन शिकायत करने के बजाय उन्होंने काम करने की ठानी। महिंद्रा ने लिखा कि एक ऐसी दुनिया में जहां अक्सर जवानी और गति का जुनून सवार रहता है, सिद्धू के धीमे लेकिन स्थिर कदम हमें बताते हैं कि उद्देश्य कभी खत्म नहीं होता। सेवा की उम्र नहीं होती।
कौन हैं इंदरजीत सिंह सिद्धू
इंदरजीत सिंह सिद्धू मूल रूप से पंजाब के संगरूर की तहसील धूरी के गांव बुगरा के रहने वाले हैं। उनका एक बेटा और बेटी है। बेटा परिवार के साथ विदेश (यूएस) में रहता है और बेटी की शादी मोहाली में हुई है। उनकी पत्नी दविंदर पाल कौर का दो साल पहले 2023 में निधन हो गया था। इंदरजीत सिंह सिद्धू वर्ष 1963 में वह पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन से इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुए थे। साल 1981 में आईपीएस प्रमोट हुए। वर्ष 1986 में टेररिज्म के दौरान अमृतसर में सिटी एसपी रहे। इसके बाद चंडीगढ़ आए और डीआईजी सीआईडी बने। 31 दिसंबर 1996 को वह रिटायर हुए। तब से वह सेक्टर-49 की सोसाइटी में रह रहे हैं।