चंडीगढ़। जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से सभी सरकारी स्कूल के प्रमुखों को बुधवार को 9वीं-11वीं के परीक्षा परिणाम संबंधी दिशानिर्देश जारी किए गए। डीईओ ने पत्र में लिखा है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार विद्यार्थियों को परिणाम में राहत दी जा रही है। 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम में 30 प्रतिशत ग्रेस अंक दिए जाएंगे। इससे पहले शिक्षा विभाग ने पिछले सत्र 2019-20 में भी 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण के चलते इसी आधार पर ग्रेस अंक दिए थे।
जिला शिक्षा अधिकारी नीना कालिया ने पत्र में लिखा है कि वीरवार को 9वीं और 11वीं का परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा। पत्र में परीक्षा परिणाम संबंधी विस्तार में जानकारी दी गई है। 9वीं और 11वीं कक्षा दोनों के लिए पास होने के लिए 33 प्रतिशत अंक चाहिए। इसमें 9वीं कक्षा के विद्यार्थी को इंटरनल और वार्षिक दोनों में मिलाकर पास होने के लिए 33 प्रतिशत अंकों की जरूरत होगी।
11वीं के विद्यार्थियों को 33 प्रतिशत अंक थ्योरी और 33 प्रतिशत अंक प्रैक्टिकल परीक्षा में पास होने के लिए लेने होंगे। इसके अलावा 11वीं के विद्यार्थी को परीक्षा परिणाम में हर महीने ऑनलाइन लिए टेस्ट के 10 प्रतिशत, ऑनलाइन हुए टर्मिनल टेस्ट के 20 प्रतिशत और मार्च में हुई वार्षिक परीक्षा (ऑफलाइन) के 70 प्रतिशत वेटेज दी गई है।
परीक्षा संबंधी जरूरी निर्देश
1. जिन विद्यार्थियों की 30 प्रतिशत ग्रेस अंक मिलने के बाद भी कंपार्टमेंट आती है, उन्हें पास होने के लिए एक और मौका दिया जाएगा।
2. एक विद्यार्थी को सभी विषयों में ग्रेस अंक दिए जाएंगे।
3. विद्यार्थी को फेल नहीं किया जाएगा, परिणाम में पास और कंपार्टमेंट लिखा जाएगा।
4. अगर सभी विषयों में कंपार्टमेंट है, तो सभी में पास होने के लिए एक और मौका दिया जाएगा।
5. विद्यार्थियों की ऑफलाइन कंपार्टमेंट परीक्षा गर्मियों की छुट्टियों के बाद आयोजित की जाएगी।
6. अगर किसी विद्यार्थी ने पूरे वर्ष इंटरनल और वार्षिक परीक्षा नहीं दी है, तो उसके रिपोर्ट कार्ड में अनुपस्थित लिखा जाएगा।
7. अगर विद्यार्थी ने टर्मिनल और यूनिट टेस्ट दिए हैं और किसी कारणवश वार्षिक परीक्षा के एक या अधिक पेपर में अनुपस्थित रहा है तो उसे कंपार्टमेंट की श्रेणी में रखा जाएगा।
8. कंपार्टमेंट की डेटशीट विद्यार्थियों को मुहैया करवाई जाएगी।
9. विद्यार्थी की डेटशीट पर सभी विषयों के अंक लिखे जाएंगे।
10. 9वीं-11वीं के जिन विद्यार्थियों का कोरोना लॉकडाउन के कारण कोई एक पेपर ऑफलाइन आयोजित नहीं हो पाया था, उन्हें उस विषय में शेष तीन-चार विषयों में लिए गए अंकों के औसत के आधार पर अंक दिए जाएंगे।
पिछले वर्ष राहत देने के बाद हजारों बच्चों की कंपार्टमेंट
शिक्षा विभाग की ओर से कोरोना संक्रमण को देखते हुए पिछले सेशन 2019-20 में भी 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को 30-30 ग्रेस अंक के रूप में दिए गए थे। इसके बावजूद 9वीं में करीब 4000 विद्यार्थी और 11वीं में 550 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई थी।