चंडीगढ़ में तीसरी लहर की शुरुआत हो गई है। कोरोना के मामलों में तेजी के साथ संक्रमण दर ने भी रफ्तार पकड़ ली है। उधर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने भी अब पाबंदियां लगानी शुरू कर दीं हैं। इसी के तहत सुखना लेक पर बोटिंग समेत सभी तरह की गतिविधियां बंद कर दी गई हैं।
सोमवार से शनिवार तक सुखना लेक पर सुबह और शाम शहरवासी सैर कर सकेंगे जबकि रविवार को लेक को पूरा दिन बंद रखने का फैसला लिया गया है। साथ ही शहर के सभी रेस्टोरेंट, होटल, कैफे, कॉफी हाउस, खाने की जगहें, मैरिज पैलेस, बैंक्वेट हॉल आदि को 50 फीसदी क्षमता के साथ ही चलाने का आदेश दिया है।
प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। लगातार बढ़ रहे कोरोना के केसों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। धर्मपाल का मानना है कि शहर में जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उससे लगता है कि तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। यही कारण है कि प्रशासन ने सख्ती करनी शुरू कर दी है।
सोमवार से शनिवार तक सुखना लेक पर लोग सुबह 5 से 9 बजे तक और शाम को 6 से लेकर 8 बजे तक ही सैर कर सकेंगे। हालांकि इस दौरान मास्क पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही शारीरिक दूरी के नियम का भी पालना करना होगा। बिना मास्क मिलने पर लोगों के चालान लिए जाएंगे और इस संबंध में प्रशासन ने संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिया गया है। सोमवार से यह आदेश प्रभारी हो जाएंगे और अगले आदेश तक लागू रहेंगे।
वहीं, शहर के सभी रेस्टोरेंट, होटल, कैफे, कॉफी हाउस, खाने की जगहें, मैरिज पैलेस, बैंक्वेट हॉल आदि को 50 फीसदी क्षमता के साथ ही चलाने का आदेश है। इसमें भी सिर्फ उन्हीं लोगों को बैठने की मंजूरी दी जाएगी, जिन्होंने टीके की दोनों खुराक लगवाई हों। यह आदेश उस जगह पर काम करने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और नियमों के उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से 60 और आईपीसी 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।