चंडीगढ़। शहर में आयुष अस्पतालों में फैली अव्यवस्था पर अब स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग की ओर से शनिवार को आयुष अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने सेक्टर-24 डिस्पेंसरी और सेक्टर-34 के आयुष अस्पताल का दौरा किया। अव्यवस्थाओं को लेकर 22 जून को संबंधित अधिकारियों के साथ रिव्यू बैठक बुलाई गई है।
यशपाल गर्ग ने बताया कि आदेशों के बावजूद हाजिरी के लिए स्मार्ट अटेंडेंस सिस्टम का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। अभी भी आयुष अस्पतालों में कर्मचारी मैनुअल तरीके से हाजिरी लगा रहे हैं। छह महीने पहले निर्देश देने के बावजूद कंप्यूटर हार्डवेयर की व्यवस्था नहीं की गई है, इसके अलावा अभी तक इसे लेकर कोई विवरण भी तैयार नहीं किया गया है। अस्पतालों में ई-रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था फेल है।
अस्पतालों में आने वाले मरीजों की रजिस्ट्रेशन मैनुअल तरीके से की जा रही है। ड्यूटी के आखिरी समय में कंप्यूटर पर डाटा अपलोड किया जाता है। वहीं सेक्टर-34 में आयुष अस्पताल के रेनोवेशन का काम अधर में लटका है। हालांकि, इसके लिए फंड जारी हो चुके हैं। ज्वाइंट डायरेक्टर और असिस्टेंट डायरेक्टर को इस केस में संबंधित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के बारे में भी जानकारी नहीं थी। इसे लेकर चीफ इंजीनियर सीबी ओझा से बात कर अस्पताल के काम को जल्द पूरा करवाने के लिए कहा गया है, ताकि अस्पताल शुरू किया जा सके।