कांग्रेस का चुनावी घोषणा पत्र झूठ का पुलिंदा : सांपला
कांग्रेस की ओर से सोमवार को जारी चुनावी घोषणा पत्र को पंजाब प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष विजय सांपला ने झूठ का पुलिंदा करार दिया है। विजय सांपला ने कहा है कि पहली नजर में ही साफ पता चलता है कि कांग्रेस ने केवल खयाली पुलाव पकाया है, क्योंकि विभिन्न समाज भलाई योजनाएं पहले ही अकाली-भाजपा गठबंधन की तरफ से सफलतापूर्वक संचालित की गई हैं।
उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में मुफ्त बिजली-पानी जैसी योजना को भी बंद कर दिया था। विजय सांपला ने कहा है कि न तो कांग्रेस ने पहले अपने वायदे पूरे किए हैं, न ही जमीनी स्तर पर काम किया है, इसलिए अब पंजाब के लोग इनकी झूठी बातों में आने वाले नहीं हैं।
कांग्रेस का मेनिफेस्टो झूठ का पुलिंदा, विश्वास नहीं कर सकते: सिरसा
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने कांग्रेस के चुनाव मेनिफेस्टो को झूठ का पुलिंदा और तर्क से कोसों दूर करार देते हुए कहा है कि इससे कांग्रेस की पंजाब से सर्वपक्षीय विकास के प्रति दूरदृष्टि की कमी साफ उजागर होती है।
पार्टी मुख्यालय से जारी किए बयान में शिअद प्रवक्ता और पंजाब के उप मुख्यमंत्री के सलाहकार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि चुनाव मेनिफेस्टो में उन क्षेत्रों में भी सुधार के वादे किए गए हैं, जिनमें शिअद-भाजपा गठबंधन ने बीते 10 साल में बेमिसाल काम किए हैं।
मेनिफेस्टो पर सवालिया निशान लगाते हुए सिरसा ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में सुधार के वादे किए गए हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि पंजाब पहले ही बिजली सरप्लस राज्य है। इसी तरह प्रशासनिक सुधारों का वादा करते हुए कांग्रेस यह देखने में असफल रही है कि राज्य में 2174 सेवा केंद्र और सांझ केंद्र पहले ही लोगों को ई-गवर्नेंस प्रणाली के जरिए सेवाएं दी जा रही हैं।
कांग्रेस का मेनिफेस्टो झूठ का पुलिंदा : आप
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आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के चुनावी मेनिफेस्टो को झूठ का पुलिंदा बताया है। आप नेता कंवर संधू ने कहा कि इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। क्योंकि इसे एसी कमरों में बैठकर तैयार किया गया है। कांग्रेस ने किसी भी प्रांतीय चुनाव में इतना बड़ा मेनिफेस्टो जारी नहीं किया गया।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रतिनिधि राघव चड्ढा ने कहा कि लोग किसी भी हालत में इसे स्वीकार नहीं करेंगे। इसमें कांग्रेस ने नौकरियां, पेंशन देने और लोक भलाई योजनाएं लागू करने की बात की है, लेकिन 2002 में जब कैप्टन अमरिंदर सिंह सीएम बने थे तो उन्हें इन्हीं पर पाबंदी लगा दी थी। कांग्रेस लाल बत्तियां हटाने की बात कर रही है तो पहले सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों को ऐसा करना चाहिए।