भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने रविवार को रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें सुविधाएं तो सबसे ज्यादा चाहिए, लेकिन जब नगर निगम को टैक्स देने की बारी आती है तो हमारा (लोगों का) दिल छोटा हो जाता है।
टंडन ने अपने भाषण में एक तरह से संकेत देने का प्रयास किया कि आगे कुछ टैक्सों में इजाफा हो सकता है इसलिए टंडन ने रविवार को सेक्टर-10 में आयोजित फेडरेशन आफ सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशंस चंडीगढ़ (फासवेक) की वार्षिक जनरल बाडी की बैठक में कहा कि चंडीगढ़ में बिजली और पानी के रेट अन्य राज्यों से काफी कम हैं। बंगलूरू में चंडीगढ़ के मुकाबले में पानी 23 गुना महंगा है। उन्होंने कहा कि शहर को अपनी आय के साधन बढ़ाने चाहिए। हम कब तक केंद्र सरकार से मांगते रहेंगे। उन्होंने कहा कि लुधियाना, अमृतसर के मुकाबले में चंडीगढ़ काफी बदल चुका है। यहां भरपूर काम हो रहे हैं। इसी प्रकार हमें आय बढ़ाकर एक मिसाल कायम करनी चाहिए। इस मौके पर मेयर ने फासवेक की स्मारिका का भी विमोचन किया।
टंडन के बुलाने का विरोध
ऐसा पहली बार हुआ है जब फासवेक की ओर से किसी राजनीतिक दल के अध्यक्ष को अतिथि के तौर पर बुलाया गया है। टंडन के आने का सेक्टर-55 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष एसएस चीमा ने बैठक में विरोध भी किया जबकि सेक्टर-33 के रेजिडेंट्स भी बैठक छोड़कर चले गए। उन्होंने फासवेक के सीनियर पदाधिकारियों को कहा कि ऐसे में कांग्रेस के अध्यक्ष को भी बुलाना चाहिए था।