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स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी की, यहां रैलिंग लगाने का चल रहा है काम
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। प्रशासन की ओर से सेक्टर 33–45 लाइट पॉइंट रोड बंद किए जाने पर शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ। दोनों सेक्टरों के बीच आने-जाने के लिए इस महत्वपूर्ण सड़क को बंद किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सेक्टर-33 और 45 के बीच लाइट पॉइंट एंट्री बंद होने से स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यहां प्रशासक की ओर से सड़क पर रैलिंग लगाई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि सड़क बंद होने के कारण लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों, पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी व पार्षद कंवर राणा के विरोध जताए जाने के बाद चीफ आर्किटेक्ट और चीफ इंजीनियर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि शनिवार या सोमवार को स्वयं मौके का निरीक्षण करेंगे और समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। पार्षदों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
वार्ड नंबर-34 के पार्षद गुरप्रीत सिंह ने प्रशासन के सेक्टर-33, सेक्टर 45 और बुड़ैल (वार्ड संख्या-33 और 34) के बीच सड़क के मोड़ को बंद करने के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने निवासियों की ओर से चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य वास्तुकार को एक औपचारिक प्रतिनिधित्व पेश किया है, जिसमें सड़क को फिर खोलने का आग्रह किया गया है। इस पत्र में पार्षद ने उल्लेख किया है कि बंद की गई सड़क वार्ड नंबर 33 और 34 के प्रवेश द्वार को जोड़ती है। दोनों सेक्टरों में करीब दो लाख निवासी रहते हैं जो इस सड़क से गुजरते हैं।
यह सड़क निवासियों, स्कूली बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और आपातकालीन सेवाओं सहित दैनिक यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उनका तर्क है कि सड़क बंद होने से निवासियों को बड़ी असुविधा, लंबी यात्रा मार्ग, आस-पास की सड़कों पर यातायात की भीड़ में वृद्धि और स्थानीय आबादी के लिए अनावश्यक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।