प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के निर्देश पर चंडीगढ़ प्रशासन करीब 10 साल बाद रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल साइट की ई-ऑक्शन करने जा रहा है। ई-ऑक्शन की पूरी प्रक्रिया 9 जनवरी से शुरू होकर 4 फरवरी तक चलेगी। आवेदकों को राहत देने के लिए एस्टेट ऑफिस ने एक हेल्पलाइन डेस्क बनाई है। जहां से लोग ई-ऑक्शन प्रक्रिया की पूरी जानकारी ले सकते हैं। इससे पहले वर्ष 2009 में ऑक्शन की गई थी।
इनकी होगी नीलामी
प्रशासन के फाइनेंस सेक्रेटरी अजोय कुमार सिन्हा की ओर से लेटर जारी होने के बाद एस्टेट ऑफिस 10 रेजिडेंशियल, 13 कामर्शियल और एक इंडस्ट्रीज प्रॉपर्टी की ई ऑक्शन करने जा रहा है। प्रशासन इनकी ई-ऑक्शन करेगा। प्रशासन ने प्रॉपर्टी को लेकर रिजर्व प्राइज लिस्ट भी जारी की है। रेजिडेंशियल साइट्स में सबसे सस्ती प्रॉपर्टी का रिजर्व प्राइज 89.26 लाख रुपये रखा गया है। वहीं, सबसे महंगी रेजिडेंशियल प्रापर्टी का रिजर्व प्राइज 7.53 करोड़ है। कामर्शियल प्रॉपर्टी में सबसे सस्ती प्रॉपर्टी का रिजर्व प्राइज 33 लाख रुपये और सबसे महंगी प्रॉपर्टी का रिजर्व प्राइज 13.87 करोड़ रुपये रखा गया है।
ऐसे पूरी होगी प्रक्रिया
प्रॉपर्टी ई ऑक्शन को 9 जनवरी सुबह नौ बजे सार्वजनिक किया जाएगा। अर्नेस्ट मनी डिपोजिट (ईएमडी) का भुगतान 9 से 23 जनवरी तक किया जा सकेगा। इसके साथ ही कागजातों का मिलान और ईएमडी का अनुमोदन 24 से 30 जनवरी के बीच होगा। इसके अलावा एस्टेट ऑफिस आवेदकों के डिजिटल साइन बनाने के लिए एक हेल्पलाइन डेस्क बनाएगा। नीलामी की प्रक्रिया 31 जनवरी सुबह 9 बजे से 4 फरवरी शाम 4 बजे तक चलेगी।
2009 की ऑक्शन में 100 करोड़ का मिला था राजस्व
इससे पहले प्रशासन ने वर्ष 2009 में अपनी प्रॉपर्टी की ऑक्शन की थी। उस दौरान विभाग ने 45 प्रॉपर्टी की ऑक्शन की थी। इससे यूटी प्रशासन को करीब 100 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसके बाद प्रॉपर्टी में लगातार गिरावट होती गई। यही कारण है कि चंडीगढ़ में किसी ने भी इस्टेट ऑफिस की बोली में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके चलते ऑक्शन का मामला अभी तक लटका था।