पंजाब में जाटों को आरक्षण न मिलने का मुद्दा गर्माता जा रहा है। आल इंडिया जाट महासभा ने इस मुद्दे पर प्रदेश में आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है।
सभा के प्रधान व पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया है।
कार्यकारिणी के सदस्य पूरे प्रदेश में लोगों के बीच जाकर जाट आरक्षण के मुद्दे पर प्रदेश सरकार के दोहरे मानदंड और झूठ का पर्दाफाश करेंगे।
कैप्टन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब के जाटों के साथ धोखा किया है।
प्रदेश के जाटों को आरक्षण का फायदा सिर्फ इसलिए नहीं लेने दिया कि कहीं इसका क्रेडिट वह (कैप्टन) न ले जाएं, लेकिन महासभा अब बादल को इस मुद्दे पर और झूठ नहीं बोलने देगी।
सीएम यह झूठ कह रहे हैं कि केंद्र सरकार ने जानबूझ कर पंजाब के जाटों को नजरंदाज किया। कैप्टन ने जाट महासभा की राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया है।
कुशलदीप सिंह ढिल्लों की प्रधानगी में बनी प्रदेश कार्यकारिणी में 72 सदस्य हैं। जबकि, राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कांग्रेस के कई मौजूदा और पूर्व विधायक शामिल हैं।
जिनमें सीएलपी लीडर सुनील जाखड़, तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर रंधावा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, रमनजीत सिंह सिक्की, राणा गुरजीत, सुखपाल खैहरा, अवतार हेनरी, गुरकंवल कौर, जगमोहन कंग, मनप्रीत कौर डॉली, रनदीप नाभा, अमरीक ढिल्लों, गुरकीरत कोटली, सुखजीत सिंह लोहगढ़, महेश इंदर बादल, सनी बराड़, गुरप्रीत कांगड़, केवल ढिल्लों, कुलदीप भट्ठल शामिल हैं। कैप्टन के करीबियों मेजर अमनदीप, करनपाल सेखों और भरत इंदर चाहल को भी इसमें जगह दी गई है।