चंडीगढ़। शहर में 500 स्क्वॉयर मीटर से अधिक निर्माण कार्य करने पर अब रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की नजर है। बिल्डर व प्रमोटर को अब किसी भी निर्माण कार्य से पहले रेरा डेवलपमेंट एक्ट-2016 के तहत पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण न कराने पर जुर्माने के साथ कार्रवाई भी होगी। दूसरी ओर शहर में कृषि भूमि पर चल रहे निर्माण कार्यों पर भी विभाग की नजर रहेगी। रेरा ने साफ कर दिया है कि अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती दिखाई जाएगी।
सेक्टर-38 स्थित दफ्तर में प्रेसवार्ता के दौरान चंडीगढ़ के लिए रेरा के चेयरमैन आनंद कुमार ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही पब्लिक नोटिस जारी की जाएगी ताकि रियल एस्टेट रेगुलेशन डेवलपमेंट एक्ट के प्रावधानों के बारे में जानकारी मिल सके।
आनंद कुमार ने कहा कि एक्ट के अनुसार कोई भी बिल्डर या प्रमोटर 500 स्क्वॉयर मीटर के प्लॉट से ज्यादा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बनाता है तो उसे रेरा से पंजीकरण कराना अनिवार्य है। यदि कोई प्रमोटर 9 फ्लैट, दुकान या अन्य व्यावसायिक निर्माण कार्य करवाता है तो भी पंजीकरण कराना होगा। नियमों के खिलाफ काम करने पर अथॉरिटी प्रोजेक्ट कॉस्ट का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगा सकती है। दूसरी तरफ कृषि भूमि पर कुछ डेवलपर प्लाटिंग कर रहे हैं। लाल डोरे के बाहर अवैध निर्माण की शिकायत पर भी जांच होगी, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।