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रिपोर्ट: पंजाबी युवाओं पर चिंताजनक खुलासे

Tue, 15 Apr 2014 07:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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‘उच्चा कद ते चौड़ी छाती’ पंजाब के गबरुओं के लिए लिखे जाने वाले यह शब्द कहीं गुम होने लगे हैं। बेशक पंजाब विकास की राह पर अग्रसर है, लेकिन प्रदेश का युवा वर्ग स्वास्थ्य समेत कई मामलों में काफी पिछड़ने लगा है।
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यह खुलासा राजीव गांधी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ यूथ डेवलपमेंट, मिनिस्टरी ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स की एक रिपोर्ट में हुआ है।

हाल ही में जारी ‘यूथ डेवलपमेंट रिपोर्ट-2010’ के अनुसार, पंजाब का युवा वर्ग स्वास्थ्य, विकास और सामाजिक कार्यों में भागीदारी के मामलों में अन्य कम विकसित राज्यों के युवाओं की तुलना में काफी पीछे रह गया है।

एक समय पंजाब के युवा देशभर में अपने शारीरिक सौष्ठव और डील-डौल के लिए पहचाने जाते थे, लेकिन उक्त रिपोर्ट के अनुसार, आज यूथ हेल्थ इंडेक्स में प्रदेश 0.682 अंक के साथ पांचवें स्थान पर है, जबकि क्षेत्रफल के लिहाज से कहीं छोटा केरल राज्य इस मामले में पहले स्थान पर है। इस इंडेक्स में गोवा दूसरे, दिल्ली तीसरे और मेघालय चौथे स्थान पर हैं।
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यूथ डेवलमेंट इंडेक्स में भी पंजाब की स्थिति अच्छी नहीं है। 30 राज्यों में पंजाब 17वें स्थान पर है। एनएसएस कार्यक्रम में खुद को एनरोल करवाने वाले पंजाब के छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय प्रतिशत 9.86 फीसदी से कहीं कम 1.7 फीसदी है जो पूरे देश में सबसे कम है।

एनएसएस कार्यक्रम में एनरोलमेंट के मामले में गोवा 47 फीसदी के साथ पहले, हरियाणा 10.39 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर है। पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी 5.89 फीसदी युवा इस योजना में दिलचस्पी दिखाते हैं।

नेहरू युवक केंद्र संगठन के यूथ क्लबों से जुड़ने के मामले में भी पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों के युवकों की स्थिति को भी यह रिपोर्ट निराशाजनक बताती है।

इस मामले में राष्ट्रीय 2.53 फीसदी के मुकाबले पंजाब के केवल 2.46 प्रतिशत युवा ही इन क्लबों का हिस्सा बनते हैं। हिमाचल प्रदेश के 7.2 फीसदी ग्रामीण युवा इन यूथ क्लबों में एनरोल होते हैं, जबकि हरियाणा में यह आंकड़ा पंजाब से भी कम केवल 1.6 फीसदी है।

उल्लेखनीय है कि नेहरू युवक केंद्र संगठन विश्व में अपनी तरह की बिल्कुल अलग गैर सियासी ऑर्गेनाइजेशन है, जो 13 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 80 लाख से अधिक ग्रामीण भारतीय युवाओं की जरूरतों का पूरा करती है। वहीं, एनएसएस वालंटियर आपदा के वक्त राहत कार्यों में अहम भूमिका अदा करते हैं।
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