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विशेष रिपोर्टः चंडीगढ़ में बढ़े घरेलू हिंसा के मामले, लेकिन पुलिस की काउंसलिंग से खत्म हो रही दरार

Sat, 14 Mar 2020 01:27 PM IST
खुशबू गोयल अमित गुप्ता, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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छोटी-छोटी बातों से शुरू हुई अनबन घरेलू हिंसा का रूप ले रही है। इस कारण पति-पत्नी के रिश्ते में दरार आ रही है। यह दरार घरों की चार दीवारों में न रुककर महिला पुलिस थानों तक पहुंच रही है।
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हालांकि राहत की बात है कि पुलिस की काउंसलिंग कारगर साबित हो रही है और ये दरारें खत्म हो रही हैं।

आंकड़े बताते हैं कि 7369 शिकायतों में काउंसलिंग के जरिए 6707 केसों में पुलिस ने पति-पत्नी को मिलवा दिया है। आला अधिकारियों का कहना है कि इनमें करीब 10 प्रतिशत अफेयर, 60 प्रतिशत झगड़े और 30 प्रतिशत दहेज के मामले होते हैं। रोज करीब छह शिकायतें सेक्टर-17 स्थित महिला थाने में पहुंच रही हैं।

शिकायत के बाद पुलिस की काउंसलिंग टीम अपने स्तर पर पहले तो बिगड़ रहे इन रिश्तों के अनबन को आपस में सुधारने की कोशिश करती है। अगर कोई परिवार काउंसलिंग पर विश्वास नहीं रखता तो पुलिस उनके खिलाफ  मामला दर्ज कर देती है।
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अगर बात करें वर्ष 2017 से 29 फरवरी वर्ष 2020 तक तो महिला थानों में 7369 शिकायतें दर्ज करवाई गईं, जिनमें पुलिस ने 421 केसों में मामला दर्ज कर 281 लोगों को गिरफ्तार किया।

पति-पत्नी के रिश्तों में अपने बनते हैं रोड़ा

काउंसलिंग में यह बात सामने आती है कि ज्यादातर मामलों में पति-पत्नी साथ रहना चाहते हैं, लेकिन परिवार के सदस्य छुटपुट बातों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं। इससे पति-पत्नी के रिश्तों में दरार आनी शुरू हो जाती है। इन्हीं बातों को लेकर वे थाने पहुंच जाते हैं। थाना पुलिस जब इन परिवारों की काउंसलिंग करती है तो ज्यादातर मामलों में यही खुलासा होता है कि इनके अपने परिवार और रिश्तेदार इनके बीच रोड़ा बने हुए हैं।

छुटपुट अनबन भी पहुंचती है थाना
महिला थाने में रोज औसतन 6 से 7 शिकायतें पहुंचती हैं। आला अधिकारियों के अनुसार पति-पत्नी के बीच झगड़े की मुख्य वजह एक-दूसरे की बात नहीं सुनना है। करीब 10 फीसदी पत्नियों को अपने पति पर संदेह रहता है, जबकि सभी पतियों की एक ही शिकायत थी कि झगड़े होते हैं। ऐसे केसों में दोनों पक्षों को समझाना काफी मुश्किल होता है। अगर कोई कम पढ़ा-लिखा है तो वह आसानी से समझौता करने के लिए तैयार हो जाते हैं।

काउंसलिंग के लिए महिला थाने में कई टीमें हैं। हमारी कोशिश होती है कि केस को काउंसलिंग के जरिए सुलझाया जाए। पिछले तीन साल में महिला थाने की काउंसलिंग टीम ज्यादातर मामलों को सुलझी चुकी है।
- चरणजीत सिंह विर्क , डीएसपी, महिला पुलिस स्टेशन
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ज्यादातर ऐसी आती हैं शिकायतें

1. हर वक्त फोन व्यस्त आता है।
2. परिवार वालों की ज्यादा सुनते हैं।
3. मेरी कोई बात ही नहीं मानते हैं।
4. शराबी के साथ नहीं रह सकती।
5. अगर खाना अच्छा नहीं बना तो ताना सुनना पड़ता है।
6. ससुराल में नहीं रह सकती, अलग रहना है।
7. बहू घर में काम नहीं करती है।
8. छोटी-छोटी बात पर मायके जाने की धमकी मिलती है।
9. रोज छुटपुट तानें सुनकर परेशान होती है बेटी।
10. बेटी को ससुराल वाले दहेज के लिए तंग करते हैं।
 
साल      शिकायत    केस दर्ज  गिरफ्तार   काउंसलिंग
2017    2201      120     154       2018
2018    2258        94      78        2117
2019    2536      178     104       2277
2020      374        29      08         295
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