कोरोना संक्रमण का शिकार होने वालों में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या काफी कम है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं के शरीर में पाया जाने वाला विशेष हार्मोन उनकी सुरक्षा कर रहा है। दूसरी वजह यह भी है कि महिलाएं मानकों का सावधानी से पालन करती हैं।
महिलाओं में पाया जाने वाला हार्मोन एस्ट्रोजन बना वरदान
वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के एडवाइजर डॉ. रमनीक सिंह बेदी का कहना है कि महिलाओं में पाया जाने वाला हार्मोन एस्ट्रोजन संक्रमण से बचाने में वरदान साबित हो रहा है। कोरोना के संदर्भ में अब तक कोई रिसर्च तो सामने नहीं आई है, लेकिन पिछले सारे रिसर्च यह साबित करते हैं कि इस हार्मोन के कारण महिलाएं गंभीर से गंभीर संक्रमण से बचाव के साथ हृदय रोग जैसी घातक बीमारी से भी सुरक्षित रहती हैं।
डॉ. बेदी का कहना है कि अब तक के शोध से यह पता चलता है कि कोरोना संक्रमण सबसे ज्यादा डायबिटीज, हाइपरटेंशन, मोटापा और सांस व किडनी संबंधी बीमारी से ग्रस्त मरीजों को तेजी से अपनी जद में ले रहा है। इन बीमारियों से महिलाओं की तुलना में पुरुष वर्ग ज्यादा ग्रस्त है। इसके अलावा पुरुषों में शराब, तंबाकू व नशे समेत अन्य घातक पदार्थों के सेवन की लत भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से कम कर रही है। इस कारण वह संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।