फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'PGI में पूर्व सीएम हुकम सिंह के इलाज में लापरवाही'

Wed, 04 Mar 2015 01:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक/चरखीदादरी
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व सीएम हुकम सिंह के इलाज में लापरवाही की शिकायतों की जांच करने हेल्थ डिपार्टमेंट के डायरेक्टर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप कासनी पीजीआई पहुंचे। मंगलवार को महज 2 घंटे में उन्होंने पीजीआई की व्यवस्थाओं का पोस्टमार्टम कर दिया।
विज्ञापन


मामले में उन्होंने अंतिम फैसला तो सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन यह जरूर साफ कर दिया कि वे संस्थान की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नहीं हैं। आईएएस अधिकारी ने पीजीआई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व सीएम मास्टर हुकम सिंह बुजुर्ग थे।

पीजीआई को उनका अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए था। यह नहीं कहा जा सकता कि मरीज अपनी इच्छा से घर गया। मरीज यहां बीमारी की हालत में आता है, वह बगैर सही हुए वापस क्यों घर जाएगा। इसमें कहीं न कहीं व्यवस्था की कमी है और यह संस्थान के लिए शर्म की बात होनी चाहिए।
विज्ञापन

हुकम सिंह के परिजनों ने की थी शिकायत

अधिकारी ने वीसी को यूनिवर्सिटी की साइट पर डाली गई जानकारियों को अपडेट करने को भी कहा। इससे पहले, मंगलवार सुबह सवा दस बजे प्रदीप कासनी वीसी कार्यालय पहुंचे और कार्यवाहक कुलपति डॉ. वी. के. जैन से बातचीत की।

अधिकारी ने पूर्व सीएम के परिजनों की शिकायत पर उपचार की गतिविधियों की बारीकी से जांच की। साढे़ 11 बजे अधिकारी आपात विभाग पहुंचे और मेडिसन विभाग के कक्ष 6 से डे-केयर में गए।

मामले में सबसे अहम कड़ी डॉ. ध्रुव चौधरी से अधिकारी ने उनके कार्यालय में 20 मिनट बातचीत की। इसके बाद वह पूछताछ के लिए वहीं पूर्व सीएम हुकम सिंह के परिजनों से मिले चरखी दादरी पहुंचे।

यहां परिजनों से बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि इलाज में हीलाहवाली तो हुई है। प्रदीप कासनी ने कहा कि रोहतक मेडिकल में अन्य व्यवस्थाएं भी दुरुस्त नहीं हैं।
विज्ञापन

दो दिन में आएगी जांच रिपोर्ट

चरखी दादरी में प्रदीप कासनी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मा. हुकम सिंह के उपचार में कोताही मामले की रिपोर्ट दो दिन में आ जाएगी। उन्होंने माना कि कहीं न कहीं कोताही तो हुई है।

इससे पूर्व कासनी ने पूर्व मुख्यमंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कासनी 50 मिनट तक हुकम सिंह के आवास पर ठहरे। उन्होंने परिजनों से रोहतक पीजीआई में उपचार के दौरान क्या कुछ हुआ इस बारे में अपडेट्स लिए।

गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में रेफर करने के बाद एंबुलेंस में देरी आदि सब बातों के अलावा डाक्टरों के व्यवहार के बारे में भी खुलकर बात की।

परिजनों ने यहां तक कहा कि उनके साथ जो हुआ भगवान ना करे किसी ओर के साथ हो। इसलिए वे इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं।

वीसी की स्थाई नियुक्ति बारे में लिखेंगे
प्रदीप कासनी ने बताया कि पीजीआई में उप कुलपति की अस्थाई नियुक्ति है। इसका नुकसान यह होता है कि उनकी बात को कम महत्व दिया जाता है। वे सरकार से इस पद पर स्थायी नियुक्त के लिए अनुरोध करेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें