प्रो. पृथीपाल सिंह कपूर।
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पंजाब के प्रसिद्ध इतिहासकार एवं गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रो. वाइस चांसलर प्रो. पृथीपाल सिंह कपूर का निधन हो गया है। गुरुवार दोपहर उन्होंने आखिरी सांस ली। वह 90 साल के थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उनकी मौत पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि पंजाबी के प्रसिद्ध इतिहासकार पृथीपाल कपूर के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ।
सिख कौम का विलक्ष्ण इतिहास कपूर साहब ने अपनी कलम के माध्यम से अनेक किताबों में कलमबद्ध किया। पृथीपाल सिंह कपूर को हृदय से संबंधित बीमारियां थी। गुरुवार उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनका निधन हो गया। दो सप्ताह पहले भी स्वास्थ्य खराब होने के चलते वह अस्पताल में भर्ती हुए थे।
पंजाबी लोक विरासत अकादमी के चेयरमैन प्रो. गुरभजन गिल ने पृथीपाल सिंह कपूर के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी मौत से पंजाब इतिहास के टकसाली ज्ञाता से अलग हो गया है। जस्सा सिंह रामगढ़िया और मास्टर तारा सिंह की जीवनी के अलावा उन्होंने सिख इतिहास और अकाली राजनीति के बारे में भी मूल्यवान किताबें लिखीं। वे पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के सिख एनसाइक्लोपीडिया के भी मुख्य संपादक के तौर पर कार्यशील रहे। पंजाबी साहित्य अकादमी के अलावा कई अन्य प्रमुख संस्थाओं से जुड़े थे।